Motihari Fake constable
Motihari Fake constable
बिहार के मोतिहारी में फर्जी कांस्टेबल गिरफ्तार हुआ है. रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी करता था. नगर थाना की पुलिस ने एक ऐसे सिपाही को गिरफ्तार किया है, जो मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर पिछले दस दिनों से बिना किसी कागजात व प्रमाण के ड्यूटी कर रहा था. पूछताछ में पता चला कि उस शख्स को किसी ने ठग लिया था.
फर्जी कांस्टेबल गिरफ्तार-
नगर थाना की पुलिस को जब ये सूचना मिली कि पिछले कई दिनों से मोतिहारी बापूधाम रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में पुलिस की ड्रेस पहनकर ड्यूटी कर रहा है तो उसने त्वरित कार्यवाही करते हुए उक्त व्यक्ति को हिरासत में लिया और जब उससे पूछताछ की तो वो पूरी तरह से फर्जी निकला.
ठगी का शिकार हुआ था शख्स-
पुलिस ने तहकीकात को जब आगे बढ़ाया तो पता चला कि उसे किसी ने बेवकूफ बनाकर उससे चार लाख रुपये की ठगी कर उसे फर्जी पुलिस वाला बना दिया.
गिरफ्तार युवक की पहचान राजेपुर थाना क्षेत्र के इस्माइल गांव निवासी शंभू राम के पुत्र पवन कुमार के रूप में हुई है. पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि पवन खुद भी नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुआ था.
मजदूरी करता था युवक-
पवन कुमार ने पुलिस को बताया कि वह पहले महाराष्ट्र में मजदूरी करता था. इसी दौरान उसकी मां की मुलाकात पताही निवासी हरेंद्र राम से हुई थी. हरेंद्र ने उसकी मां को भरोसा दिलाया कि उसके पटना सचिवालय में संपर्क हैं और वह सिपाही की नौकरी लगवा सकता है.
इस झांसे में आकर पवन की मां ने उसे घर बुला लिया.
पवन कैसे हुआ ठगी का शिकार?
इसके बाद पवन अपनी बहन के साथ मुजफ्फरपुर में रहकर तैयारी करने लगा. कुछ समय बाद हरेंद्र राम उसे पटना ले गया, जहां उसकी मुलाकात बासुदेव राम और उसकी पत्नी से कराई गई. यहां उससे सिपाही की नौकरी के लिए चार लाख रुपये की मांग की गई. पवन ने बताया कि उसने एक लाख रुपये फोन के माध्यम से और बाकी नकद राशि देकर कुल चार लाख रुपये का भुगतान किया था.
ठग ने रेलवे स्टेशन पर लगा दी थी ड्यूटी-
लगभग 15 दिन पहले उसे बताया गया कि उसकी नौकरी लग गई है और उसे मोतिहारी के बापूधाम रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी करने के लिए भेज दिया गया. इसके बाद वह प्रतिदिन मुजफ्फरपुर से मोतिहारी आकर ड्यूटी करता और वापस लौट जाता था. पवन का कहना है कि उसे पूरा विश्वास हो गया था कि वह सच में पुलिसकर्मी बन चुका है और गांव में भी इसकी चर्चा होने लगी थी.
वही इस संबंध में सदर डीएसपी ने बताया कि मामला सही है. नगर थाना की पुलिस ने एक फर्जी पुलिस को गिरफ्तार किया है. उसने बताया है कि किसी ने उससे पैसे लेकर उसे पुलिस बनाया है. नगर थाना मामले की गहराई से जांच कर रही है.
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