Newborn daughter thrown into pond with bricks
Newborn daughter thrown into pond with bricks
हम 21वीं सदी में भले ही पहुंच गए हों पर कुछ कुरीतियां अभी भी नहीं बदलीं. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बातों के बीच पंचमहाल से बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां पर माता-पिता ने अपने यहां हुई दूसरी बच्ची को पैदा होते ही मौत के घाट उतार दिया. आपको मालूम हो कि जहां कुछ दंपति संतान सुख पाने के लिए हर पत्थर को देवता मानकर पूजते हैं और संतान न होने का मलाल जीवन भर रहता है, वहीं हालोल के गढ़ महुडा गांव में एक दंपति ने दूसरी बेटी होते ही तालाब में प्लास्टिक की थैली में फेंक दिया. जिन माता-पिता के हाथ बच्चे के पहले स्पर्श से वात्सल्य से भर जाने चाहिए थे, उन्हीं हाथों ने एक मासूम जीव की जीवनलीला समाप्त कर दी. हालोल के गढ़ महुडा गांव में मिली नवजात बच्ची की लाश का रहस्य दो दिन में ही सुलझने से पूरी मानवता शर्मसार हो गई है.
तालाब के गहरे पानी में फेंक दिया था
सिर्फ दूसरी बेटी के जन्म लेने के 'अपराध' में माता-पिता ने ही अपनी फूल जैसी बच्ची को प्लास्टिक की थैली में ईंटों के साथ बांधकर तालाब के गहरे पानी में फेंक दिया था. पुलिस ने अस्पतालों के रजिस्टर खंगालकर पत्थर-दिल माता-पिता का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने उस बेरहम पिता और निर्दयी मां को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है और कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस ने बताया कि 7 अक्टूबर 2026 को गढ़ महुडा की भूरी तलावड़ी से लगभग दो दिन की नवजात बच्ची की लाश मिली थी. बच्ची को एक थैली में ईंटों के साथ बांधकर तालाब में फेंक दिया गया था.
और इस तरह पुलिस पहुंची आरोपियों के घर
हलोल रूरल पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी. हलोल रूरल पीआई समेत 5 अलग-अलग टीमें बनाई गईं और हलोल व घोघंबा क्षेत्र के प्रसूति अस्पतालों से एक सप्ताह में जन्मे बच्चों का रिकॉर्ड लेकर घर-घर जाकर जांच शुरू की गई. जिससे पता चला कि घोघंबा के वात्सल्य अस्पताल में पिछले दिनों कई बच्चियों का जन्म हुआ है. इसके बाद उन सभी परिवारों का संपर्क किया गया. उनके यहां हुए बच्चों की जानकारी ली गई. जिसके दौरान पता चला कि घोघंबा के परोली गांव में रहने वाले सुरेश राठवा और उनकी पत्नी संगीताबेन राठवा के घर एक बेटी का जन्म हुआ था पर उनके घर बेटी नहीं थी. जब पुलिस ने दंपति से नवजात बच्ची के बारे में पूछताछ की, तो वे टालमटोल करने लगे.
पुलिस को शक हुआ और सख्ती से पूछताछ करने पर दंपति ने अपना अपराध कबूल कर लिया. उन्होंने बताया, हमारे पहले से ही एक बेटा और एक बेटी है. पिछली 3 अक्टूबर को वात्सल्य अस्पताल में दूसरी बेटी का जन्म हुआ था. हमें एक और बेटी नहीं चाहिए थी, इसलिए अस्पताल से छुट्टी मिलते ही हम मोटरसाइकिल पर निकले और गढ़ महुडा के तालाब में बच्ची को थैली में ईंटों के साथ बांधकर पानी में फेंक दिया.पकड़े गए घोघंबा के परोली गांव के सुरेशभाई रमनभाई राठवा और संगीताबेन सुरेशभाई राठवा के खिलाफ हत्या की धारा जोड़कर कानूनी कार्रवाई की गई.