Agra News
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उत्तर प्रदेश के आगरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए सामने आया हैरान करने वाला मामला सामने आया है. योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता पाने के लिए सैकड़ों सुहागनों समेत करीब 1 हजार आवेदन ऐसे आये हैं, जिनकी शादी पहले ही हो चुकी थी या युवतियां नाबालिग हैं या 3 लाख की आमदनी से ज्यादा सालाना आय है.
दोबारा शादी के मंडप में बैठ गई लड़कियां-
जांच में आया है कि किसी की शादी चार महीने पहले हुई थी तो किसी की आठ महीने पहले. लेकिन सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए इन महिलाओं ने दोबारा शादी के लिए आवेदन कर दिया. हालांकि, प्रशासन के ऑनलाइन सत्यापन में पूरा मामला पकड़ में आ गया और करीब एक हजार आवेदन अपात्र पाए जाने के बाद निरस्त कर दिए गए.
शादी के नाम पर फर्जीवाड़ा-
दरअसल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस साल आगरा जिले के लिए 1522 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके लिए अप्रैल से आवेदन मांगे गए थे. जिले से कुल 1201 युवतियों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया. जब इन आवेदनों का सत्यापन शुरू हुआ तो करीब एक हजार आवेदन जांच में फंस गए. सत्यापन में सामने आया कि इन आवेदिकाओं की शादी पहले ही हो चुकी है. इनमें कई ऐसी महिलाएं थीं, जिनकी शादी महज चार से आठ महीने पहले हुई थी.
एक हजार महिलाएं शादीशुदा निकलीं-
ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान शादी की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन ने इन सभी आवेदनों को अपात्र घोषित कर दिया. सबसे ज्यादा आवेदन बाह, अछनेरा और जैतपुर विकासखंड से निरस्त किए गए हैं. 1522 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक सिर्फ 201 आवेदिकाएं ही पात्र मिली हैं.
यानी जिस योजना में 1522 शादियां कराने का लक्ष्य था, वहां 1201 आवेदनों में से करीब 1 हज़ार पहले से शादीशुदा निकलीं.
पहले शादी, फिर योजना के तहत शादी-
इन महिलाओं ने फोन पर बताया कि उनका उद्देश्य गलत तरीके से योजना का लाभ लेना नहीं था. अछनेरा की एक आवेदिका के मुताबिक, जब उनकी शादी की तारीख तय हुई थी, उस समय मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया नहीं चल रही थी. इसलिए उन्होंने सामान्य तरीके से शादी कर ली. बाद में योजना शुरू हुई तो उन्होंने आवेदन किया, लेकिन पहले से शादी होने के कारण आवेदन खारिज हो गया.
अब इन महिलाओं की मांग है कि सरकार योजना के लिए ऐसी समय सीमा तय करे, जिससे हाल ही में शादी करने वाले गरीब और पात्र परिवार भी भविष्य में योजना का लाभ उठा सकें.
प्रशासन का क्या कहना है?
जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है. अप्रैल से 30 जुलाई तक कुल 1201 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें सत्यापन के दौरान करीब एक हजार आवेदनों को अपात्र पाया गया है. पात्र आवेदकों के दोबारा आवेदन लिए जा रहे हैं और सत्यापन के बाद जल्द ही सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे.
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र जोड़े को सरकार की ओर से कुल एक लाख रुपये का लाभ मिलता है. इसमें 64 हजार रुपये वधू के खाते में, 21 हजार रुपये विवाह सामग्री के लिए और 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जाते हैं.
इसी आर्थिक सहायता के चलते योजना के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं. लेकिन आगरा में सामने आए इस मामले ने योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
फिलहाल प्रशासन ने अपात्र आवेदनों को छांट दिया है और अब लक्ष्य पूरा करने के लिए नए पात्र आवेदकों की तलाश शुरू कर दी गई है. जिलाधिकारी मनीष बंसल ने पंचायत सचिवों, ग्राम विकास अधिकारियों और बीडीओ को पात्र युवतियों के अधिक से अधिक आवेदन कराने के निर्देश दिए हैं.
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