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अचानक से अमेरिकी लहजे में बात करने लगी ढाई साल की कृषा...खुद को बताती है कैलिफोर्निया की योगा टीचर

पुनर्जन्म की एक ऐसी ही घटना बीकानेर में इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. कृषा के परिवार का अमेरिका से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है. मूड में आने पर वह बताती है कि वह केलिफोर्निया में रहने वाली स्रीसा है जो वहां पर योगा टीचर थी.

Krisha Krisha
हाइलाइट्स
  • अचानक अमेरिकी लहजे में करने लगी बात

  • खुद को बताती है योगी टीचर

जिंदगी और मौत की सच्चाई के बीच कुछ घटनाएं ऐसी भी होती हैं जिस पर यकीन करना किसी के लिए भी मुश्किल होता है. जिनके आगे तर्क बेकार हो जाते हैं और विज्ञान के प्रचलित सिद्धांत भी बेमानी से लगते हैं. पुनर्जन्म की एक ऐसी ही घटना बीकानेर में इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है.

अचानक अमेरिकी लहजे में करने लगी बात
न कोई वीजा न पासपोर्ट और न ही कोई यात्रा मगर अमेरिका के केलिफोर्निया की रहने वाली स्रीसा 'इंडिया' पहुंच गई. ये दावा जिसने भी सुना हैरत में पड़ गया. मगर बैंगलुरू में 12 जुलाई 2018 को जन्मी महज तीन साल की कृषा लोहिया कुदरत के करिश्मे का जीता जागता सबूत है. बीकानेर के सींथल गांव में पली बढ़ी कृषा की मां बताती हैं कि लगभग ढाई साल की उम्र में जब एक दिन वह अचानक अमेरिकी लहजे में अंग्रेजी बोलने लगी तो पहले तो यह उन्हें कोई केमिकल लोचा लगा लेकिन जब चिकित्सकों को दिखाया और कृषा की बोली धीरे धीरे साफ हुई तो उसकी बताई बातें और भी स्पष्ट होने लगीं.

खुद को बताती है योगी टीचर
कृषा के परिवार का अमेरिका से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है. कोरोना काल में लॉक डाउन में रहने की वजह से किसी बाहरी संपर्क की भी संभावना नहीं थी और परिवार के सभी लोग टीवी में भी हिंदी के कार्यक्रम ही देखते थे. कृषा का बड़ा भाई जरूर बैंगलुरू में इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रहा है मगर वह भी अभी प्राईमरी क्लास का छात्र है. ऐसे में कृषा को अमरीकी एक्सेंट में अंग्रेजी बोलते देख हर कोई हैरत में पड़ गया. मूड में आने पर वह बताती है कि वह केलिफोर्निया में रहने वाली स्रीसा है जो वहां पर योगा टीचर थी. बातचीत के दौरान वह अक्सर किसी चर्च और उसमें रहने वाली अपनी टीचर नन का भी जिक्र करती है. वह यह भी बताती है कि उसके पास कई पालतू जानवर भी थे. कई बार वह अपने पूर्वजन्म के रिश्तेदारों और दोस्तों के बारे में भी बताती है. 

बहरहाल, कृषा की बताई बातों की तस्दीक अभी होना बाकी है क्यों कि वह अपने पूर्वजन्म के सही ठिकाने और पहचान के बारे में पूरी जानकारी नहीं दे पा रही है, लेकिन उसके परिवार के लोग इस बात के लिए मानसिक तौर पर पूरी तरह तैयार हैं कि अगर कृषा चाहेगी और वे पता लगा पाए तो वे कृषा को पूर्वजन्म के परिवार से मिलाने अमेरिका जरूर लेकर जाएंगें.

(बीकानेर से अपर्णेश गोस्वामी की रिपोर्ट)