Workplace rights
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अमेरिका के टेनेसी में कैंसर से जूझ रहे एक सोशल मीडिया प्रोफेशनल ने अपनी 6 डिजिट की सैलरी वाली नौकरी छोड़ दी. कर्मचारी का आरोप है कि उसकी कंपनी ने 'अनलिमिटेड PTO' (पेड टाइम ऑफ) पॉलिसी के बावजूद उसे कैंसर के इलाज के दौरान छुट्टी देने से इनकार कर दिया. यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर बहस छिड़ गई है.
आरोप लगाने वाले कर्मचारी टायलर वेल्स एक एड एजेंसी में सोशल मीडिया प्रोफेशनल के तौर पर काम कर रहे थे. उन्होंने अपनी पूरी कहानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की, जिसके बाद यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई.
कैंसर के इलाज के लिए नहीं दी छुट्टी
टायलर वेल्स के मुताबिक, उनकी कंपनी के पास 'अनलिमिटेड PTO' पॉलिसी है, यानी कर्मचारी जरूरत के हिसाब से छुट्टी ले सकते हैं. लेकिन जब वे ब्रेन कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी से गुजर रहे थे और हर महीने 2 से 3 दिन की छुट्टी मांग रहे थे, तो कंपनी ने इसे PTO पॉलिसी का दुरुपयोग बताया.
टायलर ने लिखा, 'मुझसे कहा गया कि मैं हर महीने PTO नहीं ले सकता, क्योंकि यह पॉलिसी का गलत इस्तेमाल माना जाएगा. जबकि यह बीमारी के इलाज के लिए जरूरी था.'
क्या होता है अनलिमिटेड PTO?
अनलिमिटेड PTO का मतलब यह नहीं होता कि कर्मचारी बिना रोक-टोक छुट्टी ले सकते हैं. आमतौर पर इसमें मैनेजर की मंजूरी जरूरी होती है. कई बार कंपनियां लिखित रूप से छुट्टी की सुविधा देती हैं, लेकिन व्यवहार में कर्मचारियों को छुट्टी लेने से रोका जाता है.
पेड लीव की जगह अनपेड लीव का सुझाव
टायलर के अनुसार, कंपनी ने उन्हें सवैतनिक छुट्टी देने के बजाय फैमिली एंड मेडिकल लीव एक्ट (FMLA) के तहत बिना वेतन छुट्टी लेने को कहा. उन्होंने लिखा, 'कल्पना कीजिए, कीमोथेरेपी से गुजर रहे मरीज को कहा जाए कि वह अपनी अनलिमिटेड छुट्टी का इस्तेमाल नहीं कर सकता.
वर्कलोड कम करने की मांग भी ठुकराई
इतना ही नहीं, टायलर ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टरों की सिफारिश के साथ उन्होंने कम काम देने की मांग की थी, लेकिन HR ने इसे भी रिजेक्ट कर दिया.
नौकरी छोड़ने का फैसला
इन सभी अनुभवों के बाद टायलर वेल्स ने अपनी हाई-पेइंग नौकरी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों को ऑफिस में इंसानियत के लिए लड़ना नहीं पड़ना चाहिए.