Aparajita caring Tips
Aparajita caring Tips
अपराजिता का पौधा अपने खूबसूरत फूलों के लिए जाना जाता है. अपराजिता को बटरफ्लाई पी, ब्लू पी और एशियन पिजनविंग्स के नाम से भी जाना जाता है. ये पूजा में काम आने के साथ-साथ अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. यह घर की खूबसूरती में चार चांद लगा सकता है. हालांकि, सर्दियों के मौसम में इसे खास देखभाल की जरूरत होती है, वरना ये पौधा मुरझा सकता है.
ऐसे में अगर आपके घर में भी अपराजिता का पौधा लगा है लेकिन सर्दियों की वजह से इसके पत्ते पीले पड़ कर झड़ने लगे हैं. तो फरवरी महीने में आपको कुछ काम करने हैं जिससे आने वाले समय में मार्च से लेकर अक्टूबर तक इसमें फूलों की कमी नहीं होगी. चलिए आपको बताते हैं इन कामों के बारे में.
फरवरी में अपराजिता के पौधों की इस तरह करें देखभाल-
1. धूप में रखें
धूप वाली जगह रखें, वहीं अपराजिता में खूब सारे फूल के लिए आप जड़ में सरसों की खली मिला सकते हैं. अपराजिता को ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप आती हो.
2. छंटाई करें
फरवरी के शुरुआत में पौधे की हल्की छंटाई करें. सूखी, पीली या कमजोर टहनियों को हटाने से नई शाखाएं निकलती हैं और फूलों की संख्या बढ़ती है.
3. सही खाद दें
अपराजिता को ज्यादा फूल देने के लिए आप हर 15 दिन में गोबर की खाद, वर्मीकम्पोस्ट या केला छिलके की खाद डाल सकते हैं.
4. नीम तेल
अपराजिता की पत्तियों को कीटों से बचाने के लिए इस समय नीम तेल या का स्प्रे पत्तियों पर करें. इससे आने वाले समय में पौधे में रोग बीमारी या कीटों का प्रकोप नहीं देखने को मिलेगा. जिससे पौधा हरा भरा भी दिखाई देगा.
5. मिट्टी और जड़
फरवरी महीने में अपराजिता की मिट्टी भी बदल सकते हैं. अगर गमले में लगाया तो उसकी मिट्टी बदल सकते हैं और जड़ ज्यादा हो गई है तो जड़ों को ट्रिम /छांट सकते हैं.
अपराजिता के फायदे
अपराजिता के नीले रंग के फूल में मासिक धर्म की ऐंठन, शरीर के दर्द, अस्थमा, खांसी या चिंता आदि को कम करने में मददगार होते हैं. आप अपराजिता की चाय पी सकते हैं. अपराजिता के फूलों से बनी चाय डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी होती है. अगर आप अपने डेली इसकी चाय पीते हैं तो चेहरे की झुर्रियां कम हो सकती हैं.
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