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DM की दमदार पहल! आंगनबाड़ी केंद्र में कराया साढ़े 3 साल की बेटी का दाखिला

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के एक फैसले की खूब चर्चा हो रही है. डीएम ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी का एडमिशन आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है. डीएम के इस फैसले की हर कोई तारीफ कर रहा है. लोग कह रहे हैं कि डीएम होकर भी उन्होंने अपने बेटे का एडमिशन आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है. ये सरकारी सिस्टम पर भरोसा बढ़ाने वाला है.

Chitrakoot DM daughter admission in anganwadi centre Chitrakoot DM daughter admission in anganwadi centre

आजकल हर कोई अपने बच्चे को अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहता है. लोग इसके लिए पैसे भी खर्च करने को तैयार रहते हैं. संपन्न लोग अपने बच्चों को महंगे और आलीशान प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने को प्राथमिकता देते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग अगल राह पर चल रहे हैं. वो अपनी बेटी का एडमिशन आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है. 

DM ने आंगनबाड़ी केंद्र में बेटी का कराया दाखिला-
डीएम पुलकित गर्ग ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी सिया का दाखिला सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है. ये आंगनबाड़ी केंद्र चित्रकूट के जिला मुख्यालय के धनुष चौराहे के पास है. डीएम के इस कदम की चर्चा पूरे जिले में है. हर कोई जिलाधिकारी की तारीफ कर रहा है. उनके इस निर्णय को लोग सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर भरोसे की मजबूत पहल के रूप में देख रहे हैं. 

डीएम के तौर पर चित्रकूट में पहली तैनाती-
IAS पुलकित गर्ग की बतौर जिलाधिकारी पहली तैनाती चित्रकूट में हुई है. पद संभालने के कुछ ही समय बाद उन्होंने अपनी बेटी के लिए एक उपयुक्त स्कूल की तलाश शुरू की. एक जागरूक पिता की तरह उन्होंने निजी प्ले स्कलों के साथ-साथ कई आंगनबाडी केंद्रों का दौरा किया और पूरी जांच पड़ताल के बाद उन्हें जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी आवास के पास ही स्थित आंगनबाड़ी केंद्र सबसे उपयुक्त लगा और उन्होंने अपनी बेटी का वहां पर एडमिशन करवा दिया.

आंगनबाड़ी केंद्र में हैं सारी सुविधाएं-
इस आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए व्यवस्थित गतिविधियां, पोषण, खेल सामग्री और सीखने का माहौल उपलब्ध है. इसी संतुष्टि के बाद उन्होंने अपनी बेटी सिया का नामांकन आंगनबाड़ी प्ले ग्रुप में कराना सबसे उपयुक्त लगा. इस आंगनबाड़ी केंद्र में करीब 35 बच्चे हैं. सिया भी दूसरे बच्चों की तरह जमीन पर बैठकर बैठकर पढ़ाई करती है. मध्यान्ह भोजन के समय सबके साथ जमीन में बैठकर खाना खाती है.डीएम पुलकित गर्ग की इस फैसले की हर कोई तारीफ कर रहा है. 

(संतोष कुमार की रिपोर्ट)

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