खीरे की खेती
खीरे की खेती
Cucumber farming tips hand pollination and organic care guide tips in hindi खीरा गर्मियों के मौसम में घर-घर में खाए जाने वाली सब्जी है. गर्मियों में खीरा तेल मसाले वाले खाने को संतुलित रखने में असरदार है. इसमें मौजूद फाइबर शुगर को कंट्रोल करता है और पेट की ठंडक बनाए रखता है. कई लोग खीरे का रायता बनाते हैं, तो कुछ लोग इसे नाश्ते में खाना पसंद करते हैं.
कई बार बाजार में मिलने वाला खीरा केमिकल से ग्रो किया जाता है. केमिकल के कारण वह खीरे इतने फायदेमंद नहीं होते, जितने घर में नेचुरल तरीके से उगाए खीरे होते हैं. अभी का मौसम सबसे सही माना जाता है खीरे की बुवाई के लिए. अभी ही वह वक्त है, जब खीरे की बेल सबसे ज्यादा केयर और देख-भाल मांगती है.
हैंड पॉलिनेशन
कई बार खीरे की बेल फैल तो जाती है, लेकिन इसमें खीरा नहीं आता. कई बार ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मादा फूल तक नर फूल के पराग नहीं पहुंच पाते. इसके लिए आप सुबह-सुबह हाथ से नर फूल को तोड़ कर उसे मादा फूल पर आराम से रगड़ दें. इस प्रोसेस को इतने आराम से करें कि पत्ते न टूटे. ध्यान रखें कि इसको करने का सही वक्त सुबह 6 बजे से सुबह 8 बजे तक का होता है. धूप में यह करना नुकसान पहुंचा सकता है बेल को.
टाइम टू टाइम पानी डालें
खीरा शुरुआती वक्त में सबसे ज्यादा पानी मांगते हैं. बेल के अच्छे पोषण के लिए सुबह और शाम जब धूप कम हो, तब पानी डालें. अगर धूप ज्यादा है तो दो टाइम पानी दें, फरवरी के धूप में एक वक्त का पानी भी बेल के लिए बहुत है.
मिट्टी की नमी के लिए करें ये काम
मिट्टी को नम रखना बहुत जरूरी है, इसके लिए पुआल या सूखे पत्तों की बेल के नीचे 2 से 3 इंच की चादर बिछा लें. इससे मिट्टी पानी देने के बाद नम बनी रहेगी. तेज धूप में भी मिट्टी पूरी तरह ड्राय नहीं होगी.
खाद डालें
टाइम टू टाइम गुड़ाई करें और खाद डालते रहें. खाद मिट्टी का पोषण बाना कर रखता है और फल को बड़ा और ज्यादा अच्छे से ग्रो करने में मदद करता है. पोटेशियम वाले जैविक खाद या लिक्विड फर्टिलाइजर वाले खाद ही चुनें. आप बेल में केले के छिलके या अंडे के छिलके भी डालते सकते हैं.
इन चीजों को करने से बेल की पैदावार बढ़ जाती है और फल बड़े-बड़े उगते हैं. इसके साथ ही बेल को कीड़ों से बचाना भी जरूरी है. इसलिए हर 15 दिनों में नीम के पानी का छिड़काव भी करते रहें.
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