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Swayum Self-defence training: बेटियां खुद कर सकेंगी अपनी सुरक्षा, चंडीगढ़ पुलिस 'स्वयं' प्रोग्राम में सिखा रही है सेल्फ डिफेंस के गुर 

छह साल में ट्राइसिटी की लगभग 1.05 लाख लड़कियों को मार्शल आर्ट और सेल्फ डिफेंस में प्रशिक्षित किया है. लड़कियों के लिए ये ट्रेनिंग फ्री है. ये पुलिस विभाग द्वारा चलाया जा रहा है, जिसका मकसद है कि बेटियां अपनी रक्षा स्वयं कर सकें.

Self-defence training Self-defence training
हाइलाइट्स
  • स्वयं टीम में हैं 12 पुलिसकर्मी  

  • लड़कियों का बढ़ रहा है आत्मविश्वास 

आत्मरक्षा के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने साल 2017 में सेल्फ डिफेंस प्रोग्राम की शुरुआत की थी. इस प्रोग्राम का मकसद था कि लड़कियां अपनी आत्मरक्षा आसानी से कर सकें. जिसके लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर उन्हें मार्शल आर्ट, जूडो और दूसरी तमाम बारीकियां और तकनीक सिखाई गई. पिछले 6 सालों में चंडीगढ़ पुलिस के "स्वयं" प्रोग्राम के जरिए गरीब तबके से लेकर चंडीगढ़ के हर स्कूल, कॉलेज और आई टी सेक्टर तक इसे सिखाया जा रहा है.

महिलाओं को पीछा करने वालों और यौन उत्पीड़न करने वालों से खुद को बचाने में मदद करने के लिए पुलिस उन्हें 'स्वयं' नामक एक कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दे रही है, जिसे 2017 में शुरू किया गया था. 

स्वयं टीम में हैं 12 पुलिसकर्मी  

चंडीगढ़ पुलिस की "स्वयं" टीम में हेड कांस्टेबल संजय मलिक के नेतृत्व में कुल 12 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिन्होंने छह वर्षों में ट्राइसिटी की लगभग 1.05 लाख लड़कियों को मार्शल आर्ट और छह वर्षों में आत्मरक्षा तकनीकों में प्रशिक्षित किया है. संजय मलिक ने बातचीत में बताया कि लड़कियों के लिए निःशुल्क स्वयं रक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस विभाग द्वारा चलाया गया है. जिसका मकसद है कि बेटियां अपनी रक्षा स्वयं कर सकें. उन्हें इसके लिए किसी पर भी निर्भर रहने की जरूरत न पड़े. साथ ही बेटियां आसानी से कहीं भी जा सकें और कभी कोई मनचला उन्हें छेड़ने का प्रयास करे तो उसका वे डटकर मुकाबला कर सकें.

लड़कियों का बढ़ रहा है आत्मविश्वास 

"स्वयं" टीम की सदस्य कांस्टेबल सोनिया ने बताया कि लड़कियों को इस प्रोग्राम के जरिए मानसिक और शारीरिक रूप से आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद मिली है. उन्होंने बताया की जूडो, वुशु (चीनी कुंग फू) में प्रशिक्षित लड़कियों और यूटी पुलिस की स्वयं टीम द्वारा एथलीटों ने 2017 से इस वर्ष तक अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर 378 पदक जीते हैं. हाल ही में शहर में आयोजित खेलो इंडिया महिला लीग में स्वयं गर्ल्स ने 32 मेडल जीते थे.