Amla Tree
Amla Tree आंवला, अमला या इंडियन गूजबेरी में ढेर सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं. हिंदू धर्म में आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है.आंवले के पेड़ की पूजा करने से विष्णु भगवान अपने भक्त के सारे कष्ट दूर कर देते हैं. आंवले का पेड़ अपने आसपास के वातावरण के शुद्ध रखता है. आंवला को घर में लगाना काफी शुभ होता है. वास्तु शास्त्र के मुताबिक आंवला को घर के उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए. हम आपको आंवला लगाने के कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप आसानी से आंवले का पेड़ घर पर ही उगा सकते हैं.
आंवला लगाने का सबसे सही समय क्या
आंवला के पेड़ के लिए उष्ण और उप-उष्णकटिबंधीय जलवायु अच्छी मानी जाती है. आंवला लगाने का सबसे सही समय जून से सितंबर का होता है. आंवले के वृक्ष के लिए 25-35 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान आदर्श है. हालांकि यह 10 डिग्री सेल्सियस से 45 डिग्री सेल्सियस तक का के तापमान भी सहन कर सकता है.
मिट्टी और गमले का चयन
आंवले के लिए रेतीली दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है. मिटटी की पीएच वैल्यू 6.0 से 8.5 के बीच होना चाहिए. मिट्टी में थोड़ी रेत और गोबर की खाद डालकर अच्छी तरह मिला दें. यह मिश्रण पौधे को जरूरी पोषक तत्व देता है, जिससे पौधे की जड़ें मजबूत बनती हैं. आवले के पौधे को आप घर के आंगन में, गार्डन में, छत पर लगा सकते हैं. इसे आप यदि गमले में लगाना चाह रहे हैं तो आपको गहरे और चौड़े गमले का चुनाव करना होगा. आप आंवला लगाने के लिए 15 से 18 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनें. यह ध्यान रखें कि गमले में जल निकासी के लिए छेद जरूर हो.
बीज या पौधा कैसे लगाएं
आप आंवले को बीज, कलम (कटिंग) या ग्राफ्टिंग के जरिए घर में लगा सकते हैं. ग्राफ्टेड आंवला का पौधा दो से तीन सालों में फल देने लगता है जबकि बीज से उगाए गए आंवले के पेड़ में फल आने में 5-6 साल लग जाते हैं. यदि आप बीज से आंवला उगाना चाह रहे हैं तो सबसे पहले एक पके हुए आंवले के फल से बीज निकालें. उसे धोकर छाया में सुखाएं. फिर इसे लगाएं. बीज को लगाने से पहले 24-48 घंटे गुनगुने पानी में भी भिंगो सकते हैं. ऐसा करने से अंकुरण तेजी से होता है. आप नर्सरी से ग्राफ्टेड आंवला का पौधा खरीद कर लगा सकते हैं. आंवले के पौधे या बीज को गमले में लगा रहे हैं तो गमले में तैयार मिट्टी भरें और 1-2 सेंटीमीटर गहराई पर बीज बोएं. बीज को हल्की मिट्टी से ढकें और हल्का पानी छिड़कें. इस तरह से नर्सरी से लाए आंवले के पौधे को लगा सकते हैं. ध्यान रखें किसी भी पौधे को सुबह या शाम के समय लगाना बेहतर होता है. ऐसे में आंवला को भी लगाते समय इसका ध्यान रखें.
धूप और सिंचाई
आपको मालूम हो कि आंवले के पौधे को धूप मिलना चाहिए. ऐसे में गमले में लगे आंवला के पौधे को घर की ऐसी जगह रखें जहां धूप आती हो. पौधे को हर दिन पानी दें, लेकिन ध्यान रखें कि मिट्टी बहुत ज्यादा गीली न हो, सिर्फ हल्की नमी बनी रहे.इस बात का ध्यान रखें कि बरसात में आंवले के पौधे में पानी न भरे.
इन बातों का भी रखें ध्यान
आंवले को लगाने के बाद इस बात का ध्यान रखें कि उसके आसपास बेकार पौधे न उग पाएं. आंवले के पौधे के चारों ओर गुड़ाई करते रहें. हर 15 दिन में आंवले के पौधे में जैविक खाद जैसे गोबर या वर्मी कम्पोस्ट डालें. इससे पौधा हरा-भरा रहेगा. यदि पत्तियों पर कीड़े लग जाएं तो नीम के तेल का छिड़काव करें. हर साल पौधे की छंटाई करें ताकि अच्छी शाखाएं डेवलप हो सकें.
क्या है फल आने का समय
आपको मालूम हो कि ग्राफ्टेड आंवला का पौधा दो से तीन सालों में फल देना शुरू कर देता है. बीज से उगाए पौधे में फल आने में 5-6 साल लग सकते हैं. आंवले के फल नवंबर से फरवरी तक पकते हैं.