सर्दियों का मौसम मटर उगाने के लिए बिल्कुल सही वक्त माना जाता है. ठंडी हवा, हल्की धूप और हल्की नम मिट्टी. यह तीनों मिलकर मटर के पौधे के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं जिससे पौधे को तेजी से बढ़ने में मदद मिलती है. अगर आप भी चाहते हैं कि आपके किचन गार्डन में हर दिन ताजी, मीठी और हरी मटर फले, तो आप कुछ आसान तरीका अपनाकर घर पर बहुत आसानी से मटर उगा सकते हैं. इस आर्टिकल में मटर उगाने का सही और आसान तरीका दिया गया है. आप चाहे तो इन तरीकों को अपना कर आसानी से अपने किचन गार्डेन में हरी-भरी मटर की खेती कर सकते हैं. जो स्वाद में बाजार के मटर से कहीं ज्यादा स्वादिष्ट और हेल्थी होगी.
सही मौसम और सही किस्म चुनें
मटर की बुवाई के लिए अक्टूबर से जनवरी तक का समय सबसे अच्छा माना जाता है. घर के किचन गार्डेन के लिए हाइब्रिड या जल्दी तैयार होने वाली मटर की किस्मे बेहतर हो सकती है क्योंकि इनमें फल जल्दी आते हैं और पौधा फैलने के लिए ज्यादा जगह भी नहीं लेता.
मिट्टी तैयार करें
ऐसे करें बोआई
धूप और पानी की मात्रा का ख्याल रखें
पौधे के लिए सहारा तैयार करें
खाद डालने का सही तरीका
हर 15 से 20 दिनों में थोड़ा सा कम्पोस्ट डाल सकते हैं. हो सके तो रासायनिक खाद का इस्तेमाल न के बराबर करें क्योंकि मटर के पौधा ऑर्गेनिक खाद में अच्छे फल देता है और स्वाद में भी मीठा होता है.
कीटों से ऐसे बचाएं
ऐसे तो मटर के पौधे पर ज्यादा कीड़ा नहीं लगता लेकिन कभी-कभी पत्तियों पर सफेद धब्बे या छोटे कीड़े दिखाई दे सकते हैं. जिसके लिए आप घर पर बने स्प्रे का इस्तेमाल कर सकते हैं
कब और कैसे तोड़ें ताज़ी मटर
बीज बोने के लगभग 60 से 70 दिन बाद पौधे पर हरी भरी फली लगने लगती है. मटर की फली जब मोटी और भरी हुई दिखने लगे, तब उसे तोड़ सकते हैं. किचन गार्डेन में उगाई हुई हरी और ताजी मटर का स्वाद दुकानों से मिलने वाली मटर से कहीं ज्यादा मीठा होता है. टाइम-टाइम पर मटर तोड़ते रहें ताकि नई मटर पौधे में आसके और उन्हें सारा पोषण मिल सके.
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