How to recharge the soil
How to recharge the soil
ज्यादातर लोगों को गार्डनिंग का शौक होता है. वो मार्केट से पौधे भी खरीद लाते हैं और घर में गमले में लगा देते हैं. लेकिन कुछ दिनों बाद पौधे खराब हो जाते हैं. पता चलता है कि मिट्टी ही अच्छी नहीं थी. पौधों की बेहतर ग्रोथ के लिए मिट्टी को रिचार्ज करना बेहद जरूरी है. अगर मिट्टी कॉम्पैक्ट है और सॉफ्ट नहीं है, तो पौधों की जड़ें ठीक से विकसित नहीं हो पाती है और पौधे सूख जाते हैं. इसके लिए मिट्टी को रिचार्ज करना जरूरी है. चलिए आपको बताते हैं कि गमले की मिट्टी को कैसे रिचार्ज कर सकते हैं, ताकि पौधे का विकास तेजी से हो.
मिट्टी को धूप में रखना-
मिट्टी को रिचार्ज करने के प्रोसेस में सबसे पहला कदम पुरानी मिट्टी को धूप लगाना होता है. जिस पुरानी मिट्टी में पहले पौधे हैं, लेकिन अब उसमें कुछ भी नहीं उगता है. उस मिट्टी को 2 से 4 दिनों तक धूप में रखना चाहिए. इससे मिट्टी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस खत्म हो जाते हैं.
खाद और कोकोपीट मिलाना-
धूप में रखने के बाद मिट्टी में खाद मिलाना जरूरी होता है. वर्मी कंपोस्ट और गोबर की खाद को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ती है. 10 किलोग्राम मिट्टी में 10 से 20 फीसदी तक खाद मिलाई जा सकती है. इसके बाद मिट्टी में कोकोपीट मिलाना चाहिए, जो मिट्टी को सॉफ्ट और भुरभुरी बनाता है.
नीम की खली का इस्तेमाल-
मिट्टी को पोषण देने के लिए नीम की खली का इस्तेमाल करना चाहिए. 200 से 250 ग्राम नीम की खली मिट्टी में मिलाना चाहिए. इससे मिट्टी में पोषण बढ़ता है. इससे पौधों को कीटों से बचाने में मदद मिलती है. इसके अलावा फॉस्फोरस और कैल्शियम के लिए बोन मील का इस्तेमाल करना चाहिए.
हल्दी पाउडर का इस्तेमाल-
मिट्टी को और अधिक पोषण देने के लिए 20 ग्राम हल्दी पाउडर मिलाना चाहिए. हल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मिट्टी को स्वस्थ बनाते हैं. इन सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करने के बाद मिट्टी पौधों के लिए तैयार हो जाती है.
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