Glass vs steel lunch box
Glass vs steel lunch box
चाहे ऑफिस हो या स्कूल घर से निकलते समय लोग टिफिन जरूर ले जाते हैं. खाना पैक करने के लिए अक्सर लोग घरों में कांच, स्टील और प्लास्टिक कंटेनर या टिफिन का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि टिफिन बॉक्स का मटेरियल आपकी सेहत पर क्या असर डाल सकता है? गलत डिब्बे में खाना रखने से खाने में हानिकारक केमिकल मिल सकते हैं, जिससे हार्मोन असंतुलन, पाचन की समस्या और यहां तक कि कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. ज्यादातर लोग अब स्टील या फिर कांच कंटेनर का यूज कर रहे हैं. लेकिन इन दोनों में खाना पैक करने के लिए बेहतर क्या है, चलिए जानते हैं.
स्टील का टिफिन
ज्यादातर लोग खाने के लिए सबसे अच्छे मटेरियल के तौर पर स्टेनलेस स्टील देखते हैं. ये नींबू चावल या करी जैसे खट्टे खाने के साथ भी रिएक्शन नहीं करते, बीपीए-फ्री होते हैं और कोई जहरीला तत्व नहीं छोड़ते. स्टील के टिफिन में खाने का स्वाद नहीं बदलता, जंग नहीं लगती और साफ करना भी आसान होता है. हालांकि, स्टेनलेस स्टील को माइक्रोवेव में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता साथ ही कम क्वालिटी स्टील सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
कांच के टिफिन
कांच के कंटेनर को सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि यह खाने के साथ किसी तरह का केमिकल रिएक्शन नहीं करता. इनमें खाना साफ दिखाई देता है और ये नॉन-पोरोस होते हैं यानी इस मटेरियल में पानी, तेल या खाने के कण अंदर नहीं जाते, जिससे बैक्टीरिया नहीं पनपते. बोरोसिलिकेट ग्लास (Borosilicate Glass) माइक्रोवेव में सुरक्षित रहता है.
स्टील का टिफिन या कांच के टिफिन क्या ज्यादा बेहतर
अगर आपको रोज ऑफिस या स्कूल के लिए खाना ले जाना है, तो स्टील का कंटेनर ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि यह हल्का और मजबूत होता है. सेहत की बात करें तो कांच सबसे सेफ माना जाता है क्योंकि इसमें किसी तरह का केमिकल नहीं निकलता है. लेकिन रोजाना के इस्तेमाल और सफर के लिए स्टील ज्यादा प्रैक्टिकल है.
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