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RTO अधिकारी की सख्ती, विभाग के वाहन पर लगाया 500 का फाइन.. पति की स्कूटी का काटा 3000 का चालान

सोना चंदेल का कहना है कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति से सबसे पहले व्यक्तिगत जवाबदेही की उम्मीद होती है. उनके अनुसार, “खुद कानून का पालन करना ही जनता का विश्वास जीतने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है.”

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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर की RTO अधिकारी सोना चंदेल ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा अब हर सरकारी गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच हो रही है. उन्होंने नियमों के उल्लंघन पर न तो अपने पद को आड़े आने दिया और न ही निजी रिश्तों को. 

मामला 20 दिसंबर 2025 का है. कालाअंब में नियमित वाहन जांच के दौरान सामने आया कि आरटीओ की आधिकारिक गाड़ी (HP 63 C-7365) का PUC समाप्त हो चुका है. जब यह जानकारी सोना चंदेल तक पहुंची, तो उन्होंने बिना किसी अपवाद के उसी समय ₹500 का चालान काटने का निर्देश दिया. साथ ही तुरंत नया PUC भी बनवाया.

सख्त कदम कोई प्रचार स्टंट नहीं
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, अगर यह कदम सिर्फ दिखावे के लिए उठाया होता तो फौरन ही इस मामले की चर्चा होने लगती. लेकिन यह मामला कई हफ्तों बाद नियमित विभागीय बैठकों में सामने आया, जिससे यह साफ हुआ कि कार्रवाई पूरी तरह केवल प्रक्रिया के अनुसार की गई थी, इसमें कोई प्रचार शामिल नहीं था.

पति की स्कूटी भी नहीं बख्शा
यह पहली बार नहीं था कि सोना चंदेल ने निजी मामले में सख्ती दिखाई. बल्कि वह तो अपने पति के स्कूटी पर भी फाइन लगा चुकी है. हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अभियान के दौरान 27 मई 2025 को उनके पति की स्कूटी (HP 71-9045) बिना जरूरी प्लेट के पाई गई. तो उन्होंने नियमों के मुताबिक ₹3,000 का चालान जारी किया गया, जिसे समय पर जमा भी किया गया.

कानून के पालन की पहल खुद से
सोना चंदेल का कहना है कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति से सबसे पहले व्यक्तिगत जवाबदेही की उम्मीद होती है. उनके अनुसार, “खुद कानून का पालन करना ही जनता का विश्वास जीतने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है.”