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जड़ों में डालें ये एक चीज, गर्मी में खिल उठेंगे गुड़हल के पौधे, फूलों से भर जाएगा गमला

गर्मी में गुड़हल के पौधों को सूखने से बचाना बहुत ही आसान है. अगर एक खास चीज का इस्तेमाल करते हैं तो पौधे सूखने से बचने ही हैं. इसके साथ ही पौधों में फूल भी खूब आते हैं. चलिए आपको गर्मी में गुड़हल के पौधों को सूखने से बचाने और उसमें खूब फूल आने के लिए उपाय बताते है.

Hibiscus Plant Hibiscus Plant

गर्मी के मौसम में पौधों का सूखना आम बात है. हर घर की बालकनी में फूलों के पौधे सूखते दिख जाते हैं. हालांकि कुछ जरूर उपाय करके पौधों को सूखने से बचाया जा सकता है. अगर आपने बालकनी में गुड़हल के पौधे लगाए हैं और गर्मी में उसके सूखने का डर है तो घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ जरूरी उपाय करके गुड़हल के फूलों को सूखने से बचा सकते हैं, इसके साथ ही पौधों में ढेर सारे फूल भी आने लगेंगे.

ज्यादा देर तक धूप में न रखें-
वैसे तो गुड़हल के पौधे को धूप पसंद होता है. लेकिन गर्मी में दोपहर में तेज धूप होती है, इससे पत्तियां जल सकती हैं. इसलिए दोपहर के समय पौधों को छाया में रखना चाहिए. सुबह में पौधे को धूप में रखा जा सकता है. रोजाना पौधे को 5-6 घंटे धूप में रखना पर्याप्त है.

पानी देने का तरीका भी खास-
गर्मी के मौसम में अगर आप गुड़हल के पौधे में पानी देते हैं तो एक बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए. गर्मी में मिट्टी जल्दी सूख जाती है, इसलिए पौधे की मिट्टी को रोज चेक करें. जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे तो पानी देना चाहिए. हालांकि जरूरत से ज्यादा पानी नहीं देना चाहिए. इसे जड़े सूख सकती हैं. पौधों को पानी सुबह और शाम ही देना चाहिए.

ज्यादा फूल आने के लिए क्या करें?
अगर गर्मी में गुड़हल के पौधे में कम फूल आ रहे हैं तो पौधे की जड़ों में चावल का माड़ डालना चाहिए. यह एक नेचुरल फर्टिलाइजर की तरह काम करता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, नाइट्रोजन और मिनरल्स पाए जाते हैं. इससे पौधों की जड़ों को मजबूती मिलती है. इससे पौधों में फूल भी आने लगते हैं.

ये खास चीज कैसे बनाएं?
अगर गुड़हल के पौधे में चावल का माड़ डालना चाहते हैं तो इसको बनाने के लिए सबसे पहले एक का चावल लेते हैं. उसमें 4-5 कप पानी मिलाना चाहिए. इसके बाद चावल का पकाना चाहिए. जब चावल पक जाए तो उसका एक्स्ट्रा पानी निकाल लेते हैं. ये ही माड़ है. इसको ठंडा कर लें. अब ये ज्यादा गाढ़ा होता है, इसलिए इसमें थोड़ा पानी मिला लें और उसको हर 8-10 दिन पर गुड़हल की जड़ों में डालना चाहिए. 

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