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Hibiscus Plant Fertilizer: गुड़हल की जड़ों में डालें ये फ्री का पोटाश, 5 दिन में आने लगेंगे ढेरों फूल

गुड़हल के पौधे में अक्सर मिली बग्स जैसे कीड़ों का हमला हो जाता है, जिससे पौधे की ग्रोथ प्रभावित होती है. इससे बचाव के लिए नीम ऑयल को पानी में मिलाकर उसमें शैंपू की कुछ बूंदें डालें और इस मिश्रण का स्प्रे पौधे पर करें.

FREE में गुड़हल पर सैकड़ों फूल FREE में गुड़हल पर सैकड़ों फूल
हाइलाइट्स
  • गुड़हल में डालें ये फ्री का पोटाश

  • घर की चीजों से बन सकती है असरदार खाद

  • गुड़हल में तेजी से आने लगेंगे फूल

गुड़हल का पौधा लगभग हर घर में लगाया जाता है. हालांकि कई बार लोग शिकायत करते हैं कि पौधा तो हरा-भरा रहता है, लेकिन उसमें फूल नहीं आते या बहुत कम आते हैं. अगर पौधे को सही देखभाल और पोषण मिले तो गुड़हल में तेजी से नई कलियां और फूल आने लगते हैं. घर की कुछ सामान्य चीजों से तैयार की गई प्राकृतिक खाद पौधे के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है.

पौधे की सही देखभाल है सबसे जरूरी
गुड़हल के पौधे में ज्यादा फूल लाने के लिए सबसे पहले उसकी सही देखभाल करना जरूरी होता है. अगर पौधे को पर्याप्त धूप, पोषण और सफाई मिले तो उसकी ग्रोथ बेहतर होती है.

पौधे को रोजाना करीब 6 से 7 घंटे की धूप मिलनी चाहिए. धूप की कमी होने पर पौधे में फूल कम आने लगते हैं. इसके अलावा पानी भी जरूरत के अनुसार ही देना चाहिए. जब मिट्टी सूखी दिखाई दे तभी पौधे में पानी डालें, ज्यादा पानी देने से जड़ें कमजोर हो सकती हैं.

सूखे फूल तुरंत हटा दें
अगर गुड़हल के पौधे में पुराने या सूखे फूल लगे रहें तो पौधा अपनी ऊर्जा उन्हीं पर खर्च करता रहता है. इसलिए सूखे फूलों को समय-समय पर हटाते रहना चाहिए. इससे पौधा नई कलियां और फूल बनाने पर ज्यादा ऊर्जा लगाता है.

प्रूनिंग और गुड़ाई भी जरूरी
मार्च और अप्रैल का महीना पौधों की ग्रोथ के लिए अच्छा माना जाता है. इस समय प्रूनिंग यानी कटाई-छंटाई करने से पौधे में नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं और पौधा घना हो जाता है.

इसके साथ ही मिट्टी की समय-समय पर गुड़ाई करना और खरपतवार हटाना भी जरूरी होता है. इससे जड़ों को हवा मिलती है और पौधा हेल्दी रहता है.

नीम ऑयल को पानी में मिलाकर डालें
गुड़हल के पौधे में अक्सर मिली बग्स जैसे कीड़ों का हमला हो जाता है, जिससे पौधे की ग्रोथ प्रभावित होती है.

इससे बचाव के लिए नीम ऑयल को पानी में मिलाकर उसमें शैंपू की कुछ बूंदें डालें और इस मिश्रण का स्प्रे पौधे पर करें. इससे कीड़ों का असर कम हो सकता है.

ऐसे बनाएं घर पर फ्री की पोटाश वाली खाद

  • सबसे पहले 100 ग्राम सरसों खली को पानी में भिगोकर करीब 5 दिन तक ढककर रख दें. इसके बाद इस घोल को 3 लीटर पानी में मिलाकर पतला कर लें.

  • सरसों खली में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस जैसे तत्व होते हैं, जो पौधे की ग्रोथ के लिए जरूरी होते हैं.

  • इसके बाद केले के छिलकों को सुखाकर उनका पाउडर बना लें और इसे भी इस घोल में मिला दें. केले के छिलकों में पोटेशियम और आयरन होता है, जो पौधों में फूल आने में मदद करता है.

  • अब इसमें एक कटोरी लकड़ी की राख मिला दें. राख में पोटाश की अच्छी मात्रा होती है, जो पौधे के लिए बेहद फायदेमंद होती है.

  • इसके अलावा थोड़ा सा चॉक का पाउडर भी इस मिश्रण में मिला लें. गुड़हल के पौधे के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी होता है और चॉक में यह पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है.

पौधे में ऐसे करें इस पोटाश वाली खाद का इस्तेमाल
तैयार खाद को पौधे की जड़ों के आसपास मिट्टी में डालें और हल्की गुड़ाई कर दें ताकि खाद मिट्टी में अच्छी तरह मिल जाए. ध्यान रखें कि खाद डालने के बाद हल्का पानी जरूर दें.