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कहीं आप भी तो नहीं पी रहे मिलावटी दूध? घर पर बस 10 सेकंड में ऐसे करें मिलावट का पता

दूध में डिटर्जेंट की मिलावट है या नहीं, इसका पता घर पर आसान टेस्ट से लगाया जा सकता है. जानिए दूध चेक करने का आसान तरीका और खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें.

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Milk Milk

दूध हमारी रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोगों को दूध पीने की सलाह दी जाती है. इसे पोषक तत्वों से भरपूर और संपूर्ण आहार का हिस्सा माना जाता है. ऐसे में अगर दूध में किसी तरह की मिलावट हो तो यह सेहत के लिए चिंता की बात हो सकती है. खासकर दूध में डिटर्जेंट, स्टार्च और दूसरे केमिकल की मिलावट की खबरें समय-समय पर सामने आती रहती हैं. मुनाफे के लिए की जाने वाली ऐसी मिलावट से बचने के लिए दूध खरीदते समय सावधानी बरतना जरूरी है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान तरीकों से घर पर भी दूध की जांच की जा सकती है.

शेक करके पता करें दूध में डिटर्जेंट है या नहीं
FSSAI के अनुसार दूध में डिटर्जेंट की मिलावट जांचने के लिए एक गिलास में करीब 5 से 10ml दूध लें. अब इसे चम्मच की मदद से तेजी से हिलाएं या शेक करें. अगर दूध में बहुत ज्यादा झाग बनते हैं और बुलबुले काफी देर तक बने रहते हैं तो इसमें डिटर्जेंट की मिलावट होने की आशंका हो सकती है. वहीं, सामान्य दूध को हिलाने पर बनने वाले हल्के बुलबुले जल्दी खत्म हो जाते हैं.

आयोडीन से भी कर सकते हैं जांच
दूध में मिलावट की जांच के लिए आयोडीन टिंचर का इस्तेमाल भी किया जाता है. इसके लिए पहले दूध को उबाल लें और फिर उसे पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद दूध में आयोडीन टिंचर की कुछ बूंदें डालें. अगर दूध का रंग गहरा नीला होने लगे तो यह स्टार्च जैसी मिलावट का संकेत हो सकता है. हालांकि, किसी एक घरेलू टेस्ट से मिलावट की अंतिम पुष्टि नहीं की जा सकती.

दूध खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
पैकेट वाला दूध खरीदते समय पैकेट की स्पेलिंग, ब्रांड नाम और लोगो को ध्यान से देखें. नकली पैकेट कई बार असली ब्रांड से मिलते-जुलते बनाए जा सकते हैं. पैकेट पर FSSAI का लोगो और वैध लाइसेंस नंबर भी जरूर चेक करें. साथ ही पैकेट की सील, मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट देखें. लोकल या अनजान ब्रांड का दूध खरीदने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचें. अगर दूध की गुणवत्ता, गंध, रंग या स्वाद सामान्य से अलग लगे तो उसे इस्तेमाल करने से बचें और जरूरत पड़ने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी जानकारी दें.

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