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Signs Of Toxic Boss: ऑफिस और टीम है चंगी, लेकिन मैनेजर से नहीं बनती.. कहीं आपका बॉस तो नहीं है टॉक्सिक? पहचानें इन बातों से

कई बार अचानक कर्मचारी अपनी कंपनी को छोड़कर जाते हैं. ऐसे में मैनेजमेंट अक्सर सोचती है कि शायद यह कम सैलरी के कारण है, लेकिन कई बार यह टॉक्सिक बॉस और वर्कप्लेस के कारण होता है.

Toxic Boss Sign Toxic Boss Sign

किसी भी नौकरी में काम का प्रेशर होना एक आम बात है, लेकिन कई बार परेशानी काम से नहीं बल्कि उस बॉस से होती है जो पूरी टीम को लीड कर रहा होता है. एक अच्छा बॉस न सिर्फ टीम को अच्छा परफॉर्म करने के तरीके बताता है, बल्कि साथियों के डेवलपमेंट में भी भूमिका निभाता है. वहीं दूसरी ओर, एक टॉक्सिक बॉस पूरे ऑफिस के माहौल को में टेंशन फैलाता है. ऐसे माहौल में कर्मचारी धीरे-धीरे अपना कॉन्फिडेंस खोने लगते हैं और काम में रुचि भी कम हो जाती है.

आज कई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के पीछे कम सैलरी नहीं, बल्कि खराब मैनेजमेंट और टॉक्सिक बॉस को बड़ी वजह मानते हैं. अगर आपको भी अपने ऑफिस में लगातार तनाव महसूस होता है, तो यह जानना जरूरी है कि कहीं इसकी वजह आपका बॉस तो नहीं. ऐसे में कैसे पहचानें कि क्या आपका बॉस टॉक्सिक है या नहीं?

हर काम में दखल देने की आदत 

टॉक्सिक बॉस की सबसे बड़ी पहचान यह होती है कि वह अपनी टीम पर भरोसा नहीं करता. ऐसे मैनेजर कर्मचारियों को जिम्मेदारी देने के बजाय हर छोटी-बड़ी बात पर नजर रखते हैं. वे हर फैसले के बीच में आते हैं और कर्मचारियों को फ्री रूप से काम करने का  मौका नहीं देते. इसका असर कर्मचारियों की क्रिएटिविटी पर पड़ता है.

पब्लिकली किसी को भी डांटना

गलती किसी से भी हो सकती है, लेकिन एक अच्छा बॉस उसे सुधारने का रास्ता दिखाता है. वहीं टॉक्सिक बॉस अक्सर मीटिंग या अन्य कर्मचारियों के सामने डांटने लगता है, कई बार बात यहां तक पहुंच जाती है कि वह अपमान कर देता है. इससे कर्मचारी मेंटल प्रेशर महसूस करते हैं और कॉन्फिडेंस टूट जाता है.

मेहनत का क्रेडिट अकेले ही ले जाना

क्या आपकी टीम ने कोई शानदार प्रोजेक्ट पूरा किया, लेकिन उसकी तारीफ सिर्फ आपके बॉस को मिली? यह भी टॉक्सिक बिहेवियर का इशारा हो सकता है. ऐसे बॉस टीम की मेहनत का क्रेडिट खुद लेने की कोशिश करते हैं और कर्मचारियों की मेहनत को नजरअंदाज कर देते हैं. इससे कर्मचारियों में निराशा हो जाते हैं, और मेहनत न करने का फैसला ले बैठते हैं.

कम्यूनिकेशन की कमी

एक हेल्थी वर्कप्लेस में ट्रांस्पेरेंट कम्यूनिकेशन बेहद जरूरी होता है. लेकिन टॉक्सिक बॉस अक्सर जरूरी जानकारी शेयर नहीं करते और फिर अचानक से नई डेडलाइन या एक्स्ट्रा काम थोप देते हैं. इससे टीम में गैर जरूरी प्रेशर पैदा होता है.

कर्मचारियों के डेवलपमेंट में रोड़ा बनना

अच्छे लीडर अपनी टीम को आगे बढ़ते हुए देखकर खुश होते हैं, लेकिन टॉक्सिक बॉस अक्सर कर्मचारियों के डेवलपमेंट में रुकावट बन जाते हैं. वे प्रमोशन, ट्रेनिंग या नए मौकों से कर्मचारियों को दूर रखने की कोशिश करते हैं.