Car And Alcohol Rules
Car And Alcohol Rules
अक्सर आपने सुना होगा कि सार्वजनिक जगह पर शराब पीना मना होता है. ऐसे में अगर आप अपनी कार में बैठ शराब पीते हैं, तो क्या कोई आपको रोक-टोक सकता है. कार तो प्राइवेट प्रॉपर्टी है, इस वजह से यह सवाल उठता है कि क्या कार में बैठ शराब का सेवन किया जा सकता है. साथ ही ड्रिंक एंड ड्राइव के भी मामले होते हैं, तो ऐसी सूरत में कितनी शराब पीने पर आपको सजा हो सकती है. इसके अलावा अक्सर लोग गाड़ी में शराब लेकर चलते है, तो यहां सवाल होता है कि आप गाड़ी में कितनी शराब को रखकर ट्रैवल कर सकते हैं.
गाड़ी आपकी प्राइवेट प्रॉपर्टी है, ऐसे में आप उसमें बैठ शराब पी सकते हैं. शराब केवल सार्वजनिक जगह पर पीना मना है. लेकिन यहां पेंच यह है कि गाड़ी में बैठ जब आप शराब पी रहे हैं, तो उस समय गाड़ी कहा हैं. अगर गाड़ी उस समय घर में अंदर पार्क है, या घर की ब्राउंड्री के अंदर है, तो परेशानी नहीं. पर अगर वह सड़क पर खड़ी है या किसी भी सार्वजनिक जगह पर मौजूद है, तो ऐसी सूरत में आप गाड़ी में शराब नहीं पी सकते. अगर आप ऐसा करते हुए पाए जाते हैं को आपको दंड के तौर जुर्माना या सजा या फिर दोनों का सामना करना पड़ सकता है.
जब भी कोई ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला होता है, तो ब्लड सैंपल के जरिए पता लगाया जाता है कि क्या ड्रिंक लिमिट के अंदर है या बाहर. सड़कों पर कुछ जगह पुलिसकर्मी ब्रेथ एनालाइजर की मदद से खून में शराब की मात्रा का पता लगाते हैं. इसमें मशीन में फूंक मारने से आपके खून में कितनी मात्रा में शराब मौजूद है उसका पता लग जाता है.
अब सवाल है कि अगर आपने पी रखी है, तो कितनी लिमिट होनी चाहिए. तय नियमों के अनुसार अगर आपके 100ML खून में 30ML से ज्यादा शराब पाई जाती है, तो यह आपके लिए अच्छी बात बिल्कुल नहीं. इस सूरत सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है. पहले और दूसरी बार पकड़े जाने के बाद भी अगर आप तीसरी बार पकड़े जाते हैं, तो बात आपके डीएल रद्द होने तक आ सकती है.
आप अगर किसी ऐसे राज्य में शराब लेकर दाखिल हो रहे हैं, जहां शराब पर बैन है, तो यह तो एक प्रकार का तस्करी हो जाए. इसपर तो कानूनी कार्यवाही होगी ही. साथ ही जिस राज्य में शराब बैन है, वहां आप कार में शराब नहीं सकते. लेकिन अगर आप राज्य में है जहां शराब बैन नहीं है, तो वहां आप कार में शराब रख सकते हैं. शर्त केवल एक है कि आपने शराब पी न रखी हो. अब कितनी शराब आप कार में रख सकते हैं, यह उस राज्य के नियम पर निर्धारित है.