scorecardresearch

मछली है पसंद?... तो ट्राय करें बंगला स्टाइल सरसों की ग्रेवी में पकी ये फिश करी

बंगाली किचन की जान है सरसों. इसका रिच और तीखा फ्लेवर जब मछली के साथ मिल जाता है, तो करी का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. इस करी में पीली और काली दोनों तरह की सरसों का इस्तेमाल होता है, ताकि डिश के स्वाद में बैलेंस बना रहे.

सरसों की ग्रेवी वाली मछली सरसों की ग्रेवी वाली मछली

बंगाल के लोग मछली खाने के लिए खूब जाने जाते हैं. बंगाल में मछली बहुत तरीकों से बनती है, लेकिन सरसों की ग्रेवी में तैयार की गई फिश करी का स्वाद बहुत अनोखा और टेस्टी होता है. ये स्वाद या तो आपको बंगाल में मिलेगा, नहीं तो फिर असम, ओडिशा, झारखंड और बिहार के मिथिला में खाने को मिलेगा. इसमें पहले मछली को अनोखे तरीके से फ्राय करते हैं, फिर सरसों की ग्रेवी में पकाते हैं. इसे अगर पुराने कोयले या लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जाए, तो इसका स्वाद और अनोखा हो जाता है. हालांकि शहर में चूल्हा नहीं होता, तो आप इसे गैस चूल्हे पर भी वैसे ही पका सकते हैं.

इन मछलियों से बना सकते हैं डिश
बंगाल में इस फिश करी को रोहू (Rohu) और कतला (Katla) से ही ज्यादातर बनाया जाता है, क्योंकि इनका टेस्ट और फ्लेवर मसाले को अच्छे से पकड़ लेते हैं. लेकिन अगर आपके पास ये मछलियां न हों, तो आप ये विकल्प भी इस्तेमाल कर सकती हैं, जैसे भेटकी, बास, पंगा. इनका स्वाद उन दो मछलियों जैसा नहीं होता, लेकिन ये भी खाने में अच्छी लगती हैं. बस यह ध्यान रहे कि मछली फ्रेश हो, क्योंकि सरसों के मसाले का स्वाद तभी उभरता है.

सबसे पहले बनाएं सरसों की ग्रेवी, उसके बाद फिश फ्राय
इस करी की जान है इसका पेस्ट. इसे बनाने में ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं लगती, बस तरीका सही होना चाहिए. दोनों ही सरसों को भिगोकर पीसा जाता है ताकि उसकी कड़वाहट खत्म हो जाए और ग्रेवी का फ्लेवर स्मूद आए. सरसों के साथ आमतौर पर ये चीजें डाली जाती हैं, जैसे हरी मिर्च, हल्दी, लहसुन, पानी, सरसों और नमक. कुछ लोग ग्रेवी में थोड़ा सा खसखस यानी पोस्त भी मिलाते हैं, ताकि टेक्सचर और क्रीमी हो जाए. लेकिन अगर आपके पास नहीं है पोस्ता, तो न डालें. इन सारी चीजों को अपनी जरूरत और स्वाद के हिसाब से लेकर पीसकर रख दें.

फिश को फ्राय करें
बंगाली खाना बिना सरसों के तेल के अधूरा माना जाता है. इसकी खुशबू करी में एक दमदार टेस्ट जोड़ देती है. जब तेल से धुआं आने लगे, तभी उसमें मछली को गोल्डन फ्राई किया जाता है. इससे मछली टूटती नहीं और करी में भी पूरा फ्लेवर छोड़ती है.

मछली को फ्राय करने के लिए, मछली के पीस एक बर्तन में लें और उनमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और पीसा हुआ लहसुन डालकर अच्छे से मसाले की कोटिंग कर लें.

इसके बाद एक कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करें. जब तेल से धुआं आने लगे, तब गैस का फ्लेम मध्यम कर दें और फिर एक-एक कर सभी मछली के टुकड़ों को डालकर गोल्डन होने तक तलें. इसके बाद सभी को निकालकर एक बर्तन में रखें. अगर आप फ्राय फिश भी खाएंगी, तो भी स्वाद अच्छा आएगा.

ग्रेवी लगाएं इस तरह
फिर दूसरी कढ़ाई लें और उसमें तेल गर्म करें. तेल गर्म होते ही उसे मध्यम आंच पर रखें और उसमें मेथी के दाने डाल दें. मेथी कम ही रखें. फिर मसाले डालकर उन्हें 2 मिनट भुन लें, ताकि मसालों का सिर्फ कच्चापन मर जाए.

इसके बाद पानी डालें और 2 मिनट तक मसालों को पानी में मिलने दें. फिर मछली डालकर उबाल आने तक पकाएं. इसके बाद गैस बंद करें और ऊपर से बारीक कटा धनिया छिड़कें.

इसे आप गरमागरम चावल और रोटी के साथ खा सकती हैं. साथ में खाने के लिए नींबू, खीरा और प्याज का सलाद जरूर रखें. इन सबके साथ सरसों ग्रवी वाली ये मछली खाने में खूब मजा आती है.

ये भी पढ़ें