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Kitchen Cleaning Tips: नारियल के छिलके से बनाएं किचन स्क्रबर, मिनटों में होगा तैयार, चमचमाते नजर आएंगे बर्तन

Eco Friendly Kitchen Cleaning Tips: ईको फ्रेंडली स्क्रबर को बाजार वाले स्क्रबर की कीमत से तुलना कर रहे हैं. इससे आपके बर्तनों की चमक बरकरार रहेगी और हाथों को भी नुकसान नहीं होगा. साथ ही ये एक किफायती और लंबा चलने वाला स्क्रबर है. जो ईको फ्रेंडली भी है. नारियल का स्क्रबर न सिर्फ मुफ्त में बनता है, बल्कि यह बाजार के स्क्रबर से बेहतर काम करता है.

Kitchen Scrubber Kitchen Scrubber

आजकल हम बाजार से प्लास्टिक के रंग-बिरंगे स्क्रबर जिसे जूना भी कहते हैं उसे खरीदकर लाते हैं. ये देखने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन इन स्क्रबर से बर्तन धोने से बर्तनों की रंगत चली जाती है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि ये हाथों के लिए भी हानिकारक होते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि आप ईको फ्रेंडली तरीके से स्क्रबर आप इन्हें घर पर बना सकते हैं. जी हां, हम बात कर रहे हैं नारियल के छिलके की, जिससे आप घर पर स्क्रब तैयार कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं इसे घर पर मिनटों में कैसे किया जा सकता है तैयार.

क्या है इको फ्रेंडली स्क्रबर
ईको फ्रेंडली स्क्रबर को बाजार वाले स्क्रबर की कीमत से तुलना कर रहे हैं. इससे आपके बर्तनों की चमक बरकरार रहेगी और हाथों को भी नुकसान नहीं होगा. साथ ही ये एक किफायती और लंबा चलने वाला स्क्रबर है. जो ईको फ्रेंडली भी है. नारियल का स्क्रबर न सिर्फ मुफ्त में बनता है, बल्कि यह बाजार के स्क्रबर से बेहतर काम करता है.

नारियल की जड़ों से बनाएं ईको फ्रेंडली स्क्रबर
नारियल के छिलके से स्क्रबर बनाना बेहद आसान है. इसके लिए सबसे पहले सूखे नारियल छिलके को अलग कर लें और उसके रेशेदार हिस्से को निकाल लें. अब इन रेशों को अच्छी तरह पानी से धोकर धूप में सुखा लें ताकि इनमें नमी न रहे.

रेशों के एक बड़े गुच्छे को अपनी हथेली के आकार में गोल या चौकोर मोड़ लें. अगर आप चाहते हैं कि स्क्रबर लंबे समय तक चले, तो एक जूट की रस्सी या नारियल के ही एक मजबूत रेशे से इस गुच्छे को बीच में से कसकर बांध दें. आपका इको-फ्रेंडली स्क्रब तैयार हो जाएगा. इसे आप नॉर्मल स्क्रबर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.



इन चीजों का रखें ध्यान
इसे इस्तेमाल करने के बाद स्क्रब को अच्छी तरह धोकर धूप में या हवादार जगह पर रखें.
अगर आप नॉन-स्टिक बर्तनों का उपयोग कर रहे हैं, तो बहुत ज्यादा जोर से न रगड़ें.
जब रेशा बहुत ज्यादा टूटने लगे, तो इसे फेंकने के बजाय अपने गमलों की मिट्टी में मिला दें.

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