khasta mathri recipe
khasta mathri recipe
How to make khasta mathri: होली का त्योहार मिठाइयों और नमकीन पकवानों के बिना अधूरा है. इनमें मठरी हर भारतीय घर की शान होती है. लेकिन कई मठरी वैसी नहीं बनती जैसी हलवाई के पास मिलती है. मठरी कभी तो बहुत सख्त हो जाती है तो कभी इतनी सॉफ्ट हो जाती है कि मठरी नहीं पूरी जैसी लगती है. अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो ये खबर आपके लिए है. मठरी को खस्ता बनाने का सबसे जरूरी हिस्सा हैं आटा. अगर आटा ठीक से लगाया जाए, तो मठरी एकदम क्रिस्पी, हल्की और परतदार बनती है. तो चलिए जानते हैं किस तरह से मठरी का आटा गूंथे कि वो हर बार खस्ता बने.
मठरी के आटे में मिलाएं ये चीजें
खस्ता मठरी बनाने के लिए 1 कप मैदा में ¼ कप गेहूं का आटा मिलाएं, एक छोटा चम्मच सूजी, एक छोटा चम्मच बेसन, स्वादानुसार दरदरी कुटी काली मिर्च और चुटकी भर बेकिंग सोडा डालें.
मठरी का आटा गूंथने से पहले करें ये काम
मठरी का आटा गूंथते समय मोयन डालना बेहद जरूरी है. मठरी के आटे में लगभग 40 ग्राम घी मोयन डालें. साथ ही ध्यान दें कि मठरी में मोयन के लिए तेल की जगह घी का इस्तेमाल करें. मोयन सही है या नहीं आटे को मुट्ठी में दबाकर देखें. अगर आटा अच्छी तरह से बंध जाए और टूटे नहीं, तो मोयन सही है.
मठरी का आटा गुथने का सही तरीका
मठरी का आटा गूंथते वक्त पानी हमेशा धीरे-धीरे डालें और आटे को हल्का सख्त ही रखें. अगर आटा बहुत सॉफ्ट होगा, तो मठरी शाइनी और फूली नहीं बनेगी. इस बैलेंस के साथ आटे को गूंथने से मठरी क्रिस्पी और बाजार जैसी बनेंगी.
मठरी को खस्ता बनाने लिए आटे को हाथों से मसलते हुए गूंथें. इस प्रोसेस से सूजी और मोयन अच्छे से मिलते हैं और आटा फ्लफी बन जाता है.
आटे को गूंथने के बाद 10-15 मिनट के लिए ढककर रेस्ट दें. इस समय में आटा और भी सॉफ्ट हो जाता है और सूजी अच्छी तरह फूल जाती है, जिससे मठरी बनाने में आसानी होती है. अब आप इस आटे में फिलिंग डाल कर एकदम खस्ता मठरी बनाएं.
ये भी पढ़ें: