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Thandai Recipe For Holi: दूध-बादाम, काजू-पिस्ता और केसर... होली पर ऐसे बनाएं ठंडाई... पीकर मजा आ जाएगा

Holi Special Thandai Recipe: इस साल होली 4 मार्च को है. इस रंगों के पर्व पर ठंडाई को खूब पसंद किया जाता है. ठंडाई जहां शरीर को ठंडक देती है तो वहीं त्योहार की थकान को भी दूर कर देती है. आइए  ठंडाई बनाने की विधि जानते हैं.  

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Holi Thandai Recipe: रंगों का त्योहार होली सिर्फ अबीर-गुलाल और मस्ती तक सीमित नहीं है बल्कि इस दिन हर घर में विशेष पकवान बनाए जाते हैं. इस दिन ठंडाई भी खूब पी जाती है. इसे पीने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. होली खेलते-खेलते ठंडाई पीने का एक अलग ही मजा है. इस साल होली 4 मार्च को है. यदि आप होली पर ठंडाई बनाना चाहते या चाहती हैं तो यहां हम आपको उसकी आसान रेसिपी बता रहे हैं. ठंडाई जहां शरीर को ठंडक देती है तो वहीं त्योहार की थकान को भी दूर कर देती है. दूध-बादाम, केसर और काजू-पिस्ता से बनी ठंडाई न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है बल्कि सेहत के लिए भी काफी अच्छी मानी जाती है. 

ठंडाई बनाने की सामग्री
1. फुल क्रीम दूध
2. बादाम
3. काजू
4. पिस्ता
5. केसर
6. खसखस
7. सौंफ
8. हरी इलायची
9. गुलाब जल
10. चीनी (स्वादानुसार)
11. दालचीनी 
12. काली मिर्च
13. गुलाब की पंखुड़ियां 
14. मेथी
15. खरबूजे के बीज

ठंडाई बनाने की विधि 
ठंडाई को बहुत ही आसान तरीके से बना सकते हैं. इसे बनाना बहुत मुश्किल नहीं है. ठंडाई को बनाने के लिए सबसे पहले काजू, बादाम, पिस्ता, खसखस और खरबूजे के बीज को तीन से 4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. ऐसा करने से ये नरम हो जाएंगे और पीसने में आसानी होगी. भीगे बादाम के ऊपर से छिलका को उतार दें. इतना सब करने के बाद बादाम, काजू, पिस्ता को हरी इलायची, काली मिर्च और दालचीनी के साथ मिक्सर में डालकर थोड़ा-सा दूध मिलाते हुए बारीक और स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. आपको मालूम हो कि यही पेस्ट ठंडाई का असली स्वाद और गाढ़ापन तय करता है. अब गैस या चूल्हे को जलाएं. उस पर एक बड़े बर्तन में दूध का चढ़ाकर अच्छे से उबाल लें. आप दूध को उबाल कर थोड़ा गाढ़ा भी कर सकते हैं.

अब गर्म को दूध को गैस या चूल्हे से उतारकर ठंडा होने दें. दूध जब पूरी तरह से ठंडा हो जाए तो उसमें तैयार किया गया मेवे वाला पेस्ट अच्छी तरह मिलाएं. स्वादानुसार चीनी डालकर तब तक चलाएं जब तक वह पूरी तरह घुल न जाए. अब इसमें एक-दो चम्मच गुनगुने दूध में भिगोए हुए केसर के धागे भी इसमें मिला दें. इससे ठंडाई और बेहतरीन हो जाएगी. आप चाहें तो इस तैयार ठंडाई को छलनी से छान भी सकते हैं लेकिन गाढ़ी ठंडाई की स्वाद की बात ही कुछ और है. ठंडाई को तैयार करने के बाद इसे तुरंत नहीं पीना चाहिए बल्कि इसे फ्रिज में एक-दो घंटे तक ठंडा होने के लिए रख देना चाहिए. इसके बाद ठंडाई को सर्व करते समय इसके ऊपर बारीक कटे हुए बादाम, पिस्ता, केसर और गुलाब की पंखुड़ियां डालकर सजाएं. अब इस ठंडाई को पीएं. यह ठंडाई होली की मस्ती के बीच आपको तरोताजा कर देगी. आपको मालूम हो कि ठंडाई में सौंफ होने से यह शरीर को ठंडक प्रदान करती है. सौंफ में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होने से पाचन क्रिया में भी सुधार होता है. ठंडाई में इस्तेमाल होने वाली मेथी और सौंफ पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है. ठंडाई में काली मिर्च और लौंग जैसे मसालों का इस्तेमाल होने से व्यक्ति का इम्यून सिस्टम भी बेहतर रहता है. ठंडाई में मिला केसर एंटी-डिप्रेशन और एंटीऑक्सीडेंट का काम भी करता है.