sattu ka paratha
sattu ka paratha
गर्मी का मौसम आते ही लोग ऐसा कुछ ढूंढने लगते हैं जो पाचन में बेहतर हो और शरीर को ठंडक भी दें. ऐसे में सत्तू का पराठा आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. प्रोटीन से भरपूर सत्तू शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी देता है. खासकर उत्तर भारत में सत्तू की रोटी बड़े चाव से खाई जाती है, लेकिन इसे परफेक्ट बनाना हर किसी के बस की बात नहीं रहती.
अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि रोटी बेलते समय फट जाती है या तवे पर सिकने के बाद सख्त हो जाती है. अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो अब चिंता छोड़ दीजिए. कुछ आसान किचन टिप्स अपनाकर आप सत्तू के पराठे को न सिर्फ फूली हुई बना सकते हैं, बल्कि इसे रुई जैसी मुलायम भी रख सकते हैं.
आटा गूंथने का सही तरीका है सबसे जरूरी
सत्तू की रोटी की शुरुआत सही आटे से होती है. गेहूं का आटा गूंथते समय उसमें एक चुटकी नमक और थोड़ा सा देसी घी या तेल मिलाना जरूरी है. इसके बाद गुनगुने पानी से आटा तैयार करें. ध्यान रखें कि आटा न ज्यादा कड़ा हो और न ही ढीला.
आटा गूंथने के बाद उसे कम से कम 15-20 मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे आटा सेट हो जाता है और बेलते समय फटने की संभावना कम हो जाती है.
सत्तू की रोटी का असली स्वाद उसकी भरावन में होता है. इसके लिए सत्तू में बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और अदरक-लहसुन मिलाएं. मसालों में नमक, हल्दी, लाल मिर्च और अजवाइन डालकर अच्छे से मिक्स करें.
अक्सर सत्तू सूखा होने की वजह से भरावन सही नहीं बन पाती. इसे संतुलित करने के लिए थोड़ा सा अचार का मसाला मिलाना फायदेमंद रहता है. इससे न केवल स्वाद बढ़ता है, बल्कि स्टफिंग में हल्की नमी भी आ जाती है.
जरूरत लगे तो कुछ बूंद पानी डाल सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे मिश्रण गीला न हो.
अब आटे की मीडियम साइज की लोइयां बनाएं. लोई को हल्का दबाकर कटोरी जैसा आकार दें और उसमें सत्तू का मसाला भरें. भरावन को अंदर की ओर दबाते हुए आटे को ऊपर से बंद करें.
इस दौरान ध्यान रखें कि किनारों को अच्छी तरह सील किया जाए, ताकि बेलते समय मसाला बाहर न निकले.
बेलने में न करें जल्दबाजी
स्टफिंग भरी लोई को सूखे आटे में लपेटकर हल्के हाथों से दबाएं. बेलन का इस्तेमाल करते समय ज्यादा दबाव न डालें. हमेशा किनारों से बेलना शुरू करें और धीरे-धीरे बीच की ओर आएं.
अगर बहुत जोर से बेलेंगे, तो पराठा फट भी सकता है और तवे पर फूलेगा भी नहीं. पराठे को थोड़ा मोटा रखना बेहतर रहता है.
सत्तू का पराठा सेंकने के लिए लोहे का तवा सबसे अच्छा माना जाता है. तवे को मीडियम आंच पर गर्म करें और रोटी डालें. जब एक तरफ हल्के दाग दिखाई दें, तो उसे पलट दें.
दूसरी तरफ से सिकने के बाद चाहें तो घी या तेल लगा सकते हैं. रोटी को हल्के दबाव के साथ सेंकने से यह अच्छे से फूलती है और अंदर तक पकती है.
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