घर को दीमक से कैसे बचाएं?
घर को दीमक से कैसे बचाएं?
बारिश का मौसम घर में नमी और सीलन भी बढ़ जाती है, जिसके चलते दीमक के पनपने लगती है. दीमक धीरे-धीरे लकड़ी के फर्नीचर, दरवाजों, खिड़कियों और अन्य लकड़ी के सामान को अंदर ही अंदर खोखला कर सकती है. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि कुछ आसान सावधानियां अपनाकर मानसून के दौरान दीमक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. चलिए जानते हैं कैसे...
घर को नमी से बचाएं
दीमक को सबसे ज्यादा नमी वाली जगह पसंद होती है. इसलिए अगर घर में कहीं छत टपक रही हो, दीवारों में सीलन हो या नल और पाइप से पानी रिस रहा हो, तो उसे तुरंत ठीक कराएं. बारिश के मौसम में समय-समय पर इन जगहों की जांच करते रहें, ताकि दीमक को पनपने का मौका न मिले.
एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल
बाथरूम, स्टोर रूम और बेसमेंट जैसी जगहों पर अक्सर नमी बनी रहती है. ऐसे स्थानों पर एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें. मौसम साफ होने पर खिड़कियां खोलकर घर में ताजी हवा आने दें. इससे सीलन कम होगी और दीमक के पनपने की संभावना भी कम हो जाएगी.
फर्नीचर का रखें खास ध्यान
फर्नीचर को कभी भी गीली दीवार या फर्श से सटाकर न रखें. फर्नीचर और दीवार के बीच थोड़ा खाली स्थान रखें, ताकि हवा आसानी से आती-जाती रहे. साथ ही समय-समय पर फर्नीचर की सफाई करें और उस पर एंटी-टर्माइट पॉलिश या वार्निश लगवाएं.
साफ-सफाई का रखें खास ख्याल
बारिश के मौसम में सफाई का खास ख्याल रखें. साथ ही घर के आसपास लकड़ी के टुकड़े, सूखे पत्ते और मिट्टी का ढेर न लगने दें. खिड़कियों और वेंटिलेशन वाली जगहों पर महीन जाली लगाना भी फायदेमंद रहता है.
घरेलू उपाय शुरुआती स्तर पर कर सकते हैं मदद
दीमक की शुरुआती समस्या होने पर नीम का तेल, संतरे का तेल या सफेद सिरका और नींबू के मिश्रण का स्प्रे घर के चारो तरफ करें. हालांकि ये उपाय केवल शुरुआती स्तर तक ही असरदार माने जाते हैं और गंभीर संक्रमण का स्थायी समाधान नहीं हैं.
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