Dark Circle Remove Home Remedies
Dark Circle Remove Home Remedies
गर्मियों में तेज धूप, गर्म हवाएं और पसीना शरीर पर कई तरह से असर डालते हैं. इस मौसम में लोग अक्सर टैनिंग, पिंपल्स और डिहाइड्रेशन की शिकायत करते हैं. लेकिन गर्मी का असर आंखों के आसपास की त्वचा पर भी पड़ता है. कई लोगों की आंखों के नीचे सूजन आने लगती है और डार्क सर्कल पहले से ज्यादा गहरे दिखाई देने लगते हैं. अक्सर लोग इसे सिर्फ नींद की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे कई और कारण भी हो सकते हैं.
आंखों के नीचे सूजन क्यों आती है?
आंखों के आसपास की त्वचा बहुत पतली और नाजुक होती है. गर्मियों में ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है. इसके अलावा तेज धूप, प्रदूषण, ज्यादा नमक वाला खाना, पूरी नींद न लेना और लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करना भी आंखों के नीचे सूजन की वजह बन सकता है. इससे आंखों के आसपास पानी जमा होने लगता है और सूजन दिखाई देने लगती है.
डार्क सर्कल क्यों बढ़ जाते हैं?
डार्क सर्कल की समस्या कई कारणों से हो सकती है. नींद पूरी न होना, थकान, तनाव और शरीर में पानी की कमी इसके मुख्य कारण हैं. गर्मियों में ज्यादा देर तक धूप में रहने से आंखों के नीचे की त्वचा काली पड़ सकती है, जिससे डार्क सर्कल और ज्यादा नजर आने लगते हैं. पानी की कमी होने पर आंखों के नीचे की त्वचा भी बेजान और धंसी हुई दिख सकती है.
इन आसान उपायों से मिलेगा फायदा
ठंडी सिकाई करें
आंखों के नीचे सूजन होने पर खीरे के ठंडे टुकड़े, ठंडे चम्मच या ठंडी टी बैग्स 10 से 15 मिनट तक आंखों पर रखें. इससे सूजन कम करने में मदद मिल सकती है.
टी बैग्स का इस्तेमाल करें
ग्रीन टी और ब्लैक टी बैग्स में मौजूद तत्व आंखों की सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं. ध्यान रखें कि टी बैग्स ठंडे होने के बाद ही इस्तेमाल करें.
भरपूर पानी पिएं
गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और खीरा, तरबूज और संतरे जैसे फल खाएं.
कम नमक खाएं
ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिससे आंखों की सूजन बढ़ सकती है. इसलिए नमकीन और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ कम खाएं.
पूरी नींद लें
रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेने से आंखों के नीचे सूजन और डार्क सर्कल की समस्या कम हो सकती है.
धूप से बचाव करें
घर से बाहर निकलते समय सनग्लासेस और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. इससे आंखों के आसपास की त्वचा सुरक्षित रहती है.
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