
भारत में हर साल हजारों लोग सिर्फ इसलिए जान गंवा देते हैं क्योंकि उन्होंने बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट नहीं पहना होता. लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.
क्या है नया नियम?
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 1 सितंबर 2025 से पूरे उत्तर प्रदेश में ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान शुरू किया जाएगा. यानी अगर कोई व्यक्ति बिना हेलमेट लगाए पेट्रोल पंप पर ईंधन लेने पहुंचा, तो उसे पेट्रोल या डीज़ल नहीं मिलेगा. इस पहल की सराहना दोपहिया वाहन हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने भी की है.
नकली हेलमेट बना रहे खतरा
लेकिन इस अभियान के बीच एक बड़ी चिंता नकली हेलमेट को लेकर भी सामने आई है.
दिल्ली में 70% नकली हेलमेट
एक हालिया जांच में पाया गया कि दिल्ली में बिकने वाले लगभग 70% हेलमेट नकली हैं और ये बुनियादी सुरक्षा परीक्षण (Impact Test) में भी फेल हो गए.
एसोसिएशन का सुझाव
राजीव कपूर ने सरकार से मांग की है कि इस पर सख्त कार्रवाई हो और हर नए दोपहिया वाहन के साथ दो असली ISI-प्रमाणित हेलमेट अनिवार्य रूप से दिए जाएं.
क्यों जरूरी है असली हेलमेट?
हेलमेट सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जान बचाने वाली ढाल है. नकली हेलमेट सस्ते जरूर मिलते हैं, लेकिन ये किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं देते. एक्सीडेंट के समय सिर की चोट ही सबसे बड़ी वजह बनती है मौत की. ऐसे में सरकार और लोगों दोनों को सतर्क रहना होगा कि वे सिर्फ ISI मार्क वाले हेलमेट ही इस्तेमाल करें.