Fake Professor
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जयपुर की मुहाना थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसके चेहरे भी कई थे और किरदार भी. कभी वह खुद को राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर बताता था, तो कभी स्पेशल पुलिसकर्मी बनकर लोगों के घर में घुस जाता था. सोशल मीडिया पर बार-बार नाम बदलकर नई पहचान बनाने वाला यह ठग अब पुलिस के शिकंजे में है. गिरफ्तार आरोपी अरुण शर्मा उर्फ ‘आलू’ है, जो पहले भी 5 बार जेल की हवा खा चुका है.
प्रोफेसर बनकर छात्रों और प्रोफेसरों से बढ़ाता था दोस्ती
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि आरोपी आदतन अपराधी है और पूर्व में पांच बार जेल जा चुका है. जेल से बाहर आने के बाद उसने जयपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब दो दर्जन ठगी और लूट की वारदातें करना स्वीकार किया है. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक पर इंजीनियर सुनील मीना, इंजीनियर सुनील शर्मा और इंजीनियर विजय शर्मा जैसे नामों से फर्जी आईडी बनाता था. वह इंजीनियरिंग छात्रों, पूर्व छात्रों और प्रोफेसरों से संपर्क कर खुद को पुराना परिचित बताता और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लेता था.
मार्क्स बढ़वाने और नौकरी लगवाने का देता था झांसा
इसके बाद RTU में मार्क्स बढ़वाने, नौकरी लगवाने या यूनिवर्सिटी में काम कराने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठता था. पैसे लेने के बाद वह जरूरी दस्तावेज देने के बहाने पीड़ित के घर की लोकेशन मांगता और फिर अगले दिन फर्जी स्पेशल पुलिसकर्मी बनकर घर पहुंच जाता.
पहले 62 हजार की ठगी, फिर घर पहुंचकर 60 हजार लूटे
दरअसल 21 जुलाई को मुहाना निवासी और पूर्णिया यूनिवर्सिटी के पूर्व एचओडी ललित गहलोत ने शिकायत दर्ज कराई. आरोपी ने फेसबुक के जरिए संपर्क कर पहले 62 हजार रुपये ठग लिए. इसके बाद वह खुद को गांधीनगर थाने का पुलिसकर्मी बताकर पीड़ित के घर पहुंचा और 60 हजार रुपये लूटकर फरार हो गया. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सहायता से आरोपी का पीछा किया और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया.
हर बार बदल लेता था नाम और पहचान
पुलिस के मुताबिक अरुण शर्मा सिर्फ ठग नहीं, बल्कि पहचान बदलने का माहिर खिलाड़ी है. वह हर बार नया नाम, नई सोशल मीडिया आईडी और नया किरदार बनाकर लोगों को जाल में फंसाता था. इस बार उसके सभी नकाब उतर गए और वह फिर सलाखों के पीछे पहुंच गया.
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