scorecardresearch

Lion Eat Grass: जंगल का राजा शेर कभी घास नहीं खाता... जानें आखिर यह कहावत कितनी है सच?

ऐसी कहावत है कि जंगल का राजा शेर भुखमरी में भी कभी घास नहीं खाता. हालांकि कभी-कभार हम शेर को घास खाते देख सकते हैं. यह बिल्कुल सामान्य और प्राकृतिक व्यवहार है. आइए जानते हैं शेर के घास खाने के पीछे की वैज्ञानिक वजह क्या है? 

Advertisement
Lion Eat Grass Lion Eat Grass

Does a Lion Eat Grass: शेर को जंगल का राजा कहता है. शेर ताकतवर होने का साथ साहसी और नेतृत्व करने वाला जानवर है. अपनी खाद्य आदत के अनुसार शेर एक मांसाहारी जानवर है. ऐसी कहावत भी है कि जंगल का राजा शेर भुखमरी में और बूढ़ा होने पर भी कभी घास नहीं खाता. हालांकि यह कहावत पूरी तरह से सच नहीं है. शेर और केट एनीमल्स कभी-कभार घास खाते हैं. मॉनसून के दौरान शेर, बाघ और तेंदुए को हरी घास खाते देखना बिल्कुल सामान्य और प्राकृतिक व्यवहार है. आइए जानते हैं आखिर इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह क्या है? 

आखिर शेर क्यों खाता है घास 
जूनागढ़ के सक्करबाग जू के निदेशक राजदीपसिंह झाला के अनुसार शेर, बाघ और तेंदुए, बिल्ली कुल के पूर्णतः मांसाहारी जानवर हैं. इसके बावजूद वे समय-समय पर घास खाते हैं.
दरअसल, जब ये जानवर शिकार करते हैं तो मांस के साथ बाल,चमड़ी और हड्डियों के छोटे-छोटे टुकड़े भी उनके पेट में चले जाते हैं. ये आसानी से पचते नहीं हैं. ऐसे में पाचन तंत्र को साफ रखने और अपाच्य पदार्थ बाहर निकालने के लिए उन्हें फाइबर की जरूरत होती है, जिसे वे हरी घास खाकर पूरा करते हैं.

...तो यह धारणा है गलत
विशेषज्ञों के अनुसार जानवरों के लिए घास बिल्कुल उसी तरह काम करती है, जैसे इंसानों के लिए इसबगोल या अन्य फाइबर युक्त पदार्थ. यानी घास खाना किसी बीमारी, कमजोरी या भूख का संकेत नहीं, बल्कि उनकी प्राकृतिक सेल्फ-केयर प्रक्रिया का हिस्सा है. अक्सर चिड़ियाघरों में शेर या बाघ को घास खाते देखकर लोग यह मान लेते हैं कि उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा. हालांकि यह धारणा पूरी तरह गलत है. घास खाना उनके स्वस्थ पाचन तंत्र को बनाए रखने की एक स्वाभाविक और वैज्ञानिक प्रक्रिया है.

(जूनागढ़ से भार्गवी जोशी की रिपोर्ट)