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Gobhi 65: स्वाद में 'चिकन 65' से कम नहीं, चाय का देगी जबरदस्त साथ.. जानें पूरी रेसिपी

गोभी 65 एक ऐसी रेसिपी है जिसे आप चाय के साथ एंजॉय कर सकते हैं. इसे चटनी के साथ या बिना चटनी के भी खाया जा सकता है.

Gobhi 65 Recipe Gobhi 65 Recipe

भारतीयों को चाय के साथ कुछ न कुछ स्नैक्स के तौर पर खाने की आदत है. खासतौर पर शाम की चाय की बात करें तो यह वो समय होता है, जब थोड़ी भूख भी लगती है. ऐसे में इस समय चाय के साथ कुछ खास हो जाएं, तो और भी शानदार हो जाएगा. ऐसे में आज हम लेकर आएं हैं गोभी 65 की रेसिपी. इसे शाम के समय चाय के साथ लेने से क्रेविंग जरूर शांत हो जाती है.

अक्सर चिकन 65 का नाम तो लोगों ने बहुत सुना है. यह काफी फेमस है और स्वाद में भी अच्छा होता है. लेकिन जो लोग नॉन वेज नहीं खाते उनके लिए गोभी 65 के बेहतर कुछ नहीं हो सकता. इसी को ध्यान में रखते हुए आज गोभी 65 की रेसिपी शेयर करेंगे. जो चिकन 65 का वेजिटेरियन वर्जन है. यह रेसिपी न केवल स्वादिष्ट है बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान है. आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका और खास टिप्स.

गोभी की तैयारी
गोभी 65 बनाने के लिए सबसे पहले गोभी को अच्छे से धोना और साफ करना जरूरी है. नमक वाले पानी में गोभी को धोने से मिट्टी और कीड़े निकल जाते हैं. गोभी को छोटे-छोटे फ्लोरेट्स में काटकर तैयार किया जाता है ताकि इसे आसानी से खाया जा सके.

बैटर बनाने की प्रक्रिया
बैटर बनाने के लिए चावल का आटा, कॉर्न फ्लार, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, जीरा पाउडर, काली मिर्च, नमक, अदरक-लहसुन-हरी मिर्च का पेस्ट और दही का इस्तेमाल किया जाता है. बैटर की कंसिस्टेंसी कोटिंग के लिए परफेक्ट होनी चाहिए. इसमें गरम तेल मिलाने से क्रिस्पीनेस बढ़ जाती है.

गोभी को बैटर में कोट करने के बाद इसे गरम तेल में फ्राई किया जाता है. डबल फ्राई तकनीक से गोभी को और भी क्रिस्पी बनाया जा सकता है. पहले मीडियम फ्लेम पर फ्राई किया जाता है और फिर हाई फ्लेम पर फ्लैश फ्राई किया जाता है.

तड़का देने का तरीका
तड़का देने के लिए एक पैन में तेल गरम किया जाता है. इसमें चॉप किया हुआ लहसुन, हरी मिर्च और कढ़ी पत्ता डालकर भूनते हैं. इसके बाद फ्राई की हुई गोभी को इसमें मिलाकर हल्का सा स्टर करते हैं. तड़के से गोभी 65 का स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है.

खास टिप्स और सुझाव
इस रेसिपी में चावल के आटे का इस्तेमाल करने से क्रिस्पीनेस बेहतर आती है. अगर चावल का आटा उपलब्ध न हो तो मैदा का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. बैटर की कंसिस्टेंसी पर ध्यान देना जरूरी है ताकि गोभी परफेक्ट तरीके से कोट हो सके.