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Red Flags Of Relationship: रिश्ते में है अनदेखी खटास, एक दूसरे का साथ केवल फॉर्मेलिटी.. जानें क्या है रिलेशनशिप के रैड फ्लैग्स

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी, जिम्मेदारियां और बढ़ती उम्मीदें कई बार रिश्तों को कमजोर बना देती हैं. यही वजह है कि आए दिन ब्रेकअप और अलग होने की खबरें सुनना अब आम हो गया है.

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आज के समय में रिश्तों को निभाना जितना जरूरी है, उतना ही मुश्किल भी हो गया है. हमारे मम्मी-पापा के दौर में रिश्तों में ठहराव, धैर्य और साथ निभाने की ताकत ज्यादा देखने को मिलती थी. लोग मुश्किल हालात में भी एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ते थे. लेकिन आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी, जिम्मेदारियां और बढ़ती उम्मीदें कई बार रिश्तों को कमजोर बना देती हैं. यही वजह है कि आए दिन ब्रेकअप और अलग होने की खबरें सुनना अब आम हो गया है. हैरानी तब ज्यादा होती है जब सालों पुराने रिश्ते भी अचानक टूटते नजर आते हैं.

जरूरत है रिश्ते तो गंभीरता से लेने की
कई बार हम खुद को समझाते रहते हैं कि 'सब ठीक है' या 'यह सिर्फ एक फेज है', लेकिन मन के किसी कोने में यह एहसास भी होता है कि कुछ तो सही नहीं चल रहा. जब आपका पार्टनर छोटी-छोटी बातों पर लड़ने लगे या फिर उसने लड़ना ही छोड़ दिया हो, तो यह रिश्ता सवालों के घेरे में आ जाता है.

कई बार ऐसा भी होता है कि साथ रहकर भी आप दोनों के बीच दूरी बनी रहती है और रिश्ते में सुकून की जगह बोझ महसूस होने लगता है. किसी भी रिश्ते का खत्म होना दुखद होता है, लेकिन अगर कोई रिश्ता लगातार दर्द दे रहा है और खुशियां खत्म हो चुकी हैं, तो उसे लेकर गंभीरता से सोचना जरूरी हो जाता है.

क्या है रिश्ते के रेड फ्लैग
लंबे समय तक चलने वाले कमिटेड रिश्तों में भी खटास आ सकती है, लेकिन अगर कुछ संकेत लगातार दिखें तो यह रेड फ्लैग साबित हो सकते हैं. सबसे पहला संकेत है हर वक्त झगड़ा होना, जब हर बातचीत बहस में बदल जाए और एक-दूसरे के साथ सुकून मिलना बंद हो जाए. वहीं दूसरी ओर, झगड़ा बिल्कुल ना होना भी कई बार ज्यादा खतरनाक संकेत होता है, क्योंकि इसका मतलब यह हो सकता है कि अब आप दोनों में उम्मीद ही खत्म हो चुकी है और बात करने की इच्छा मर चुकी है.

इसके अलावा, जब आप अपने पार्टनर से बातें शेयर करना बंद कर दें और संवाद कम होता जाए, तो समझिए कि इमोशनल कनेक्शन कमजोर हो गया है. रिश्ते में शक और भरोसे की कमी भी एक बड़ी समस्या है, क्योंकि ट्रस्ट ही किसी भी रिश्ते की नींव होती है. अगर मन घर जाने का ना करे और आप बाहर रहने के बहाने ढूंढने लगें, तो यह साफ संकेत है कि आप उस रिश्ते में खुद को सुरक्षित या खुश महसूस नहीं कर रहे. और सबसे आखिरी लेकिन बेहद जरूरी संकेत है दूरियां. जब आप एक कमरे में होते हुए भी एक-दूसरे से बात नहीं करते और बस अपने-अपने कामों में उलझे रहते हैं, तो यह साबित करता है कि आप साथ रहकर भी साथ नहीं हैं.