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4 घंटे के लिए वृंदावन में लड़का बना भिखारी, कमाए हजारों रुपए! मंदिर के बाहर बैठकर मांगी भीख, नोट गिनते वक्त खुद भी रह गया हैरान

लड़के ने अपने इस एक्सपीरिएंस का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. वीडियो में युवक साधारण और पुराने कपड़े पहन कर वृन्दावन के मंदिरों, बाजारों और घाटों के आसपास बैठ गया.

Beggar in Vrindavan Beggar in Vrindavan
हाइलाइट्स
  • 10 से 200 रुपए तक मिले

  • चार घंटे में जेब भर गई

सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए लोग आजकल तरह-तरह के प्रयोग कर रहे हैं. कोई सड़क पर अजनबियों से बात करता है, कोई अजीबोगरीब चैलेंज पूरा करता है. लेकिन हाल ही में एक युवक ने ऐसा एक्सपेरीमेंट किया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया. युवक ने सिर्फ चार घंटे के लिए भिखारी का रूप धारण किया और वृन्दावन की गलियों में भीख मांगने निकल पड़ा. जब दिन के आखिर में उसने अपनी कमाई गिनी, तो उसके होश उड़ गए.

चहरे को बनाया लाचार
लड़के ने अपने इस एक्सपीरिएंस का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. वीडियो में युवक साधारण और पुराने कपड़े पहन कर वृन्दावन के मंदिरों, बाजारों और घाटों के आसपास बैठ गया. शुरुआत में उसे कम पैसे मिले, लेकिन जैसे-जैसे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ बढ़ी, उसकी झोली भरती गई.

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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10 से 200 रुपए तक मिले, चार घंटे में जेब भर गई
वीडियो में युवक बताता है कि लोगों ने उसे 10, 20 और 50 रुपए तक दिए. कुछ श्रद्धालुओं ने दया दिखाते हुए 100 और 200 रुपए के नोट भी थमा दिए. चार घंटे बाद जब उसने पैसे गिने तो कुल रकम 2480 रुपए निकली. युवक ने कहा, 'मैंने सोचा भी नहीं था कि इतनी आसानी से इतनी कमाई हो जाएगी. चार घंटे में 2480 रुपए... कई लोगों की पूरे दिन की कमाई से भी ज्यादा.' वीडियो में वह नोट गिनते हुए खुशी और हैरानी दोनों जाहिर करता दिखाई देता है.

वायरल हुआ वीडियो तो लोगों ने किया ट्रोल
वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही बहस छिड़ गई. कुछ यूजर्स ने इसे 'रियलिटी चेक' और 'क्रिएटिव कंटेंट' बताया. उनका कहना है कि इससे लोगों की उदारता और धार्मिक स्थलों पर दान देने की संस्कृति सामने आती है. वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोगों ने लड़के की ट्रोलिंग शुरू कर दी. कई लोगों का कहना है कि वृन्दावन जैसी धार्मिक नगरी में भिखारी बनकर कंटेंट तैयार करना आस्था का मजाक उड़ाने जैसा है. कुछ यूजर्स ने इसे जरूरतमंद लोगों के संघर्ष का उपहास भी बताया.

वृन्दावन और मथुरा में बड़ी संख्या में साधु-संत और भिक्षुक रहते हैं. यहां आने वाले श्रद्धालु दान-पुण्य में विश्वास रखते हैं, इसलिए भिक्षा मिलना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है. हालांकि प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समय-समय पर बाहरी भिखारियों के खिलाफ अभियान भी चलाते हैं.