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MP में गाय की निकली अनोखी अंतिम यात्रा, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रों के साथ हुआ अंतिम संस्कार

एमपी के सीहोर जिले के एक गाय की अंतिम यात्रा अनोखे तरीके से निकाली गई, जिसकी चर्चा चारों तरफ की जा रही है. ढोल नगाड़े के साथ पटाखे फोड़ते हुए अंतिम यात्रा गांव में निकाली गई.

सीहोर में निकली अनोखी अंतिम यात्रा सीहोर में निकली अनोखी अंतिम यात्रा
हाइलाइट्स
  • एमपी के सीहोर में निकली अनोखी अंतिम यात्रा

  • गाय की अंतिम यात्रा ढोल नगाड़े के साथ निकली

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से भावुक कर देने वाली खबर आई है. यहां एक गाय की मौत के बाद उसकी अंतिम यात्रा बिल्कुल इंसानों की तरह निकाली गई. ढोल-नगाड़े बजाए गए, पटाखे जलाए गए और वैदिक मंत्रों के बीच पूरे गांव ने गाय को अनोखी विदाई दी जिसकी चर्चा अब चारों तरफ हो रही है.

कई सालों से परिवार का हिस्सा थी राधा
यह घटना भेरूंदा क्षेत्र के लाचौर गांव की है. जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता श्यामलाल मीणा के घर पर राधा नाम की गाय कई सालों से रह रही थी. परिवार के लोग उसे सिर्फ पशु नहीं, बल्कि घर का सदस्य मानते थे. उसकी देखभाल भी उसी तरह की जाती थी. गाय के निधन के बाद घर में शोक का माहौल बन गया. परिवार और ग्रामीणों ने मिलकर तय किया कि राधा को सम्मानजनक विदाई दी जाएगी.

बैलगाड़ी से निकली अंतिम यात्रा
गाय की अंतिम यात्रा बैलगाड़ी पर निकाली गई. गांव की गलियों से गुजरती इस यात्रा में ढोल-नगाड़े बजाए गए और पटाखे भी छोड़े गए. बड़ी संख्या में ग्रामीण इस यात्रा में शामिल हुए. पूरे कार्यक्रम को पारंपरिक तरीके से आयोजित किया गया, जिससे यह किसी इंसान की अंतिम यात्रा जैसा लग रहा था.

वैदिक विधि से किया गया अंतिम संस्कार
अंतिम संस्कार वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से किया गया. परिवार के सदस्यों ने बताया कि राधा से उनका विशेष लगाव था और वह लंबे समय से उनके सुख-दुख का हिस्सा रही थी. इसलिए उसे पूरे सम्मान के साथ विदाई देना जरूरी समझा गया. गांव के लोगों का मानना है कि यह घटना इंसान और पशु के बीच प्रेम और संवेदनशीलता को दर्शाती है.

-नावेद जाफरी की रिपोर्ट