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Ramji ka Peda: मुस्लिम महिलाएं बनाती हैं रामजी का पेड़ा, अयोध्या में भगवान श्रीराम को लगता है भोग, जानें इसकी खासियत

यूपी के बस्ती जिले में मुस्लिम महिलाएं पूरी पवित्रता और आस्था के साथ रामजी का पेड़ा तैयार करती हैं. अयोध्या में भगवान श्रीराम को इस पेड़ा का भोग लगाया जाता है. भोग लगने के बाद ही पेड़ा विदेश भी जाता है. 

Women Making Ramji's Peda Women Making Ramji's Peda

यूपी के बस्ती जिले में इन दिनों मुस्लिम महिलाओं के हाथों से बने राम जी का पेड़ा देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जमकर धूम मचा रहा है. अयोध्या में भगवान श्रीराम को इस पेड़ा का भोग लगाया जाता है. भोग लगने के बाद ही पेड़ा विदेश भी जाता है. मुस्लिम महिलाएं पूरी पवित्रता और आस्था के साथ रामजी का पेड़ा तैयार करती हैं. घूंघट और हिजाब की बंदिशों से बाहर निकलकर ये महिलाएं जब एक साथ बैठकर भगवान राम का भोग तैयार करती हैं, तो गंगा-जमुनी तहजीब की एक जीवंत मिसाल नजर आती है. इन महिलाओं का कहना है कि काम ही इबादत है और भगवान का प्रसाद बनाना उनके लिए गर्व की बात है. 

शुगर फ्री रामजी का पेड़ा
बड़े-बड़े बर्तनों में चूल्हों पर महिलाओं द्वारा गुड़ डालकर शुद्ध दूध व देसी घी से रामजी का पेड़ा बनाया जाता है. इस वजह से ये पेड़ा काफी स्वादिष्ट होते हैं. इतना ही नहीं चूल्हों पर पकने की वजह से इस पेड़े में सोंधापन आने से इनके स्वाद में चारचांद लग जाते हैं. साथ ही गुड़ में बनने की वजह से ये शुगर फ्री होते हैं. इस वजह इन पेड़ों की मांग देश से ज्यादा विदेशो में है क्योंकि ये किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. इन महिलाओं का सपना साकार नहीं होता यदि इन महिलाओं को युवा उद्यमी का साथ नहीं मिला होता, जिनके द्वारा दिखाए गए बिजनेस प्लान पर महिलाओं ने अमल किया. इसका नतीजा है इन महिलाओं की आय बढ़ने के साथ साथ इनके पेड़ों की ख्याति देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी बढ़ी है.

चूल्हे पर पकने की वजह से पेड़ा में आती है सोंधी खुशबू 
बस्ती जिले के रहने वाले युवा उद्यमी मनीष मिश्रा गांव की बेरोजगार और गरीब महिलाओं रोजगारित करने लिए उन्हें पहले तो पेड़े बनाने की ट्रेनिंग दी, उसके बाद उन्हें रा-मटेरियल देकर काम की शुरुआत की. धीरे-धीरे महिलाओं का कारवां बढ़ता गए और आज 500 गरीब महिलाएं इससे जुड़ी हैं. वे हजारों रुपए कमाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही है. सबसे हैरानी कि बात यह है कि इस काम में मुस्लिम महिलाएं भी अपना हाथ बंटाती हैं. राम जी का पेड़ा देसी स्टाइल में बेहद ही स्वच्छता और हाइजीन तरीके से बनाया जाता है. इसे लकड़ी के चूल्हे पर दूध में गुड़ डालकर शुद्ध देसी घी में पकाया जाता है. 

चूल्हे पर पकने की वजह से पेड़े में सोंधी खुशबू आ जाती है, जिससे इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाती है. गुड़ से बने इस पेड़े की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूर्ण रूप से शुगर फ्री होता है, जिस वजह से इसकी देश-विदेश के बाजारों में मांग है. राम जी पेड़ा बनने के पहले अयोध्या जाता है, भगवान राम को भोग लगाने के बाद ही देश-विदेश में इसकी सप्लाई की जाती है. वहीं इस संस्था के मैनेजर ने बताया कि हमारा राम जी का पेड़ा देश ही नहीं बल्कि विदेशों में जैसे रशिया व यूरोप जैसी कंट्रियों में सप्लाई की जा रही है. आर्डर आने के बाद महिलाओं का ये गुट काम में जुट जाती है और दो दिनों में ही कई किलो पेड़े बनाकर उसे मटके में पैक कर देश-विदेश में सप्लाई करने के लिए पहले अयोध्या में भेजा जाता है, जहां पेड़ा भगवान राम को भोग लगाया जाता है, उसके बाद ही सप्लाई की जाती है.

(संतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट)