Companionship
Companionship
आपने कभी गौर किया है? दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम या बेंगलुरु जैसे किसी भी बड़े शहर में बाहर निकलते ही सब कुछ भागता हुआ लगता है. लोग जल्दी में रहते हैं, बस हो मेट्रो हो... कानों में ईयरफोन, हाथ में फोन, इंस्टाग्राम रील्स...और भी बहुत कुछ. ऊपर से सब कुछ बहुत कनेक्टेड दिखता है लेकिन इनमें से कई लोग अंदर ही अंदर अकेलेपन से जूझ रहे हैं.
यह अकेलापन वो एहसास है जब आपके आसपास लोग होते हैं, लेकिन फिर भी लगता है कि कोई आपको सही मायनों में समझ नहीं रहा या आपको समय देने के लिए उसके पास टाइम नहीं है.
लोग जुड़े हुए लेकिन इतने करीब नहीं
Gen Z एक ऐसी पीढ़ी है जो हमेशा से डिजिटल दुनिया में रही है. दोस्ती, बातचीत, हंसी सब कुछ स्क्रीन के जरिए भी हो सकता है. लेकिन जब वही लोग नए शहरों में नौकरी के लिए जाते हैं, नई जिंदगी शुरू करते हैं, अनियमित टाइमटेबल के साथ जूझते हैं, तब असली चुनौती सामने आती है. दोस्त होते हैं, लेकिन दूर. बातें होती हैं, लेकिन उनमें गहराई कम नजर आती है. धीरे-धीरे ये एक खालीपन महसूस करने लगते हैं.
अब दोस्त भी बुक किए जा सकते हैं
इसी बदलते माहौल में एक नया ट्रेंड सामने आ रहा है. GetCompanion नाम का प्लेटफॉर्म्स अब ऑनलाइन कम्पैनियनशिप की सुविधा दे रहे हैं. यानी कि आप किसी इंसान को कुछ समय के लिए अपने साथ रहने के लिए बुक कर सकते हैं. यह डेटिंग नहीं है, न ही यह थेरेपी है. यह बस किसी के साथ समय बिताने का एक तरीका है. आप किसी के साथ आर्ट एग्जीबिशन देखने जा सकते हैं, किसी प्रेजेंटेशन की प्रैक्टिस कर सकते हैं, लंबी वॉक पर जा सकते हैं, या बस चुपचाप बैठकर काम या पढ़ाई कर सकते हैं. असल में यह उन छोटे-छोटे खाली पलों को भरने की कोशिश है, जहां इंसान को बस किसी की मौजूदगी चाहिए होती है.
यह कैसे काम करता है
इस तरह के प्लेटफॉर्म्स पर आपको अलग-अलग प्रोफाइल्स दिखती हैं. आप अपनी पसंद, वाइब के हिसाब से किसी को चुन सकते हैं और एक तय समय के लिए उन्हें बुक कर सकते हैं.
इसमें कई तरह के ऑप्शन होते हैं जैसे-
कोई आपके साथ मॉर्निंग रन पर जा सकता है
कोई आपके साथ ब्रेनस्टॉर्मिंग में मदद कर सकता है
कोई किसी इवेंट में आपका 'प्लस-वन' बन सकता है
सुरक्षा भी जरूरी है
बेशक, किसी अनजान व्यक्ति को अपने निजी स्पेस में शामिल करना आसान फैसला नहीं है. इसलिए ऐसे प्लेटफॉर्म्स कुछ जरूरी नियमों पर जोर देते हैं.
सभी यूजर्स की पहचान वेरिफाई की जाती है
नो-रोमांस और नो-फिजिकल-कॉन्टैक्ट पॉलिसी
इंटरैक्शन के दौरान कई सीमाएं