छोटे बच्चों को काना खिलाने का तरीका
छोटे बच्चों को काना खिलाने का तरीका
बच्चों को खाना खिलाना उनकी परवरिश करने से भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है. खाना देखते ही बच्चे मुंह बनाने लगते हैं, लेकिन अगर उनकी पसंद की कोई चीज मिल जाए, तो उसे खाने से पीछे भी नहीं हटते. हालांकि, रोजाना बाहर का खाना खिलाना उनकी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता. कुछ माता-पिता बच्चों को खाना खिलाने के लिए उनके हाथ में फोन थमा देते हैं, ताकि वे चुपचाप खाना खा लें. अगर आपका बच्चा भी खाना देखते ही अजीब-अजीब मुंह बनाने लगता है, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. खाने को लेकर उसके नखरों से आप भी परेशान रहते हैं और उसे खिलाने के लिए पीछे पड़े रहना पड़ता है, तो कुछ आसान तरीके अपनाकर देखें.
रंग-बिरंगा खाने को बनाएं
बच्चों को एक जैसी दिखने वाली चीजें खाने में बोरियत समझते हैं या फिर उनके जेहन में उसका स्वाद बस जाता है, इसलिए वह उसे नहीं खाते. कोशिश करें कि आप उनकी प्लेट में अलग-अलग रंगों की सब्जियां और फल डालें. गाजर, खीरा, चुकंदर, मटर और मकई जैसी चीजों से प्लेट सजाकर दें. रंग-बिरंगी प्लेट देखकर बच्चा खाने के लिए उत्साहित हो जाते हैं.
बच्चों का रसोई से परिचय कराएं
बच्चों को कुछ नया करना एक्साइटिंग लगता है, जिसका फायदा आप उठा सकती हैं. बच्चों को रसोई में बुला कर किसी टास्क में शामिल करें. उनसे सब्जियां चुनने, सलाद सजाने या आटे से छोटी-छोटी लोई बनाने के लिए दे दें. जब बच्चा खुद किसी चीज को बनाने में हिस्सा लेता है, तो उसे खाने में भी उसकी दिलचस्पी बढ़ जाती है.
खाने को मजेदार आकार दें
रोटी, पराठे या सैंडविच को रोज के आकार में परोसने के बजाय कभी स्टार, हार्ट या किसी कार्टून जैसे आकार में काटकर दें. सब्जियों और फलों से प्लेट पर छोटी-सी डिजाइन भी बना सकते हैं. इससे बच्चे के लिए खाना थोड़ा मजेदार बन जाएगा.
फोन देने से बचें
अगर बच्चा खाना खाते समय मोबाइल देखने का आदी हो गया है, तो धीरे-धीरे इस आदत को बदलें. खाने के समय घर के सभी सदस्य फोन एक तरफ रख दें. बच्चे के साथ बैठकर बातचीत करें और उसे भी परिवार के साथ खाना खाने के लिए प्रोत्साहित करें. शुरुआत में परेशानी हो सकती है, लेकिन नियमित रूप से ऐसा करने से बदलाव आ सकता है. और तो और उनके साथ खेलकर उन्हें खाना दें.
जबरदस्ती खिलाने की कोशिश न करें
बच्चे को हर बार प्लेट खत्म करने के लिए मजबूर न करें. उसे भूख के हिसाब से खाने दें और नई चीजों को थोड़ा-थोड़ा चखने के लिए प्रोत्साहित करें. अगर बच्चा पहली बार में कोई सब्जी नहीं खाता है, तो कुछ दिन बाद उसे दूसरे तरीके से बनाकर परोसें. डांटने या खाने को लेकर दबाव बनाने के बजाय धैर्य रखें.
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