scorecardresearch

मॉडर्न जमाना, लेकिन सोच वही पुरानी... क्या होता है जब पत्नी आपसे ज्यादा कमाने लगे?

अक्सर एक सोच रही है कि घर में कमाने वाला पुरुष होता है. लेकिन अब महिलाएं भी काम कर रही है. ऐसे में अगर किसी कपल में पुरुष से ज्यादा महिला कमाने लगे तो पुरुष कैसा महसूस करता है, साथ ही उसके ऐसा महसूस करने के पीछे क्या कारण होता.

AI Generated Image AI Generated Image

एक समय था जब परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी लगभग पूरी तरह से घर के पुरुषों के कंधों पर मानी जाती थी. लेकिन मौजूदा समय में तस्वीर तेजी से बदल रही है. महिलाएं इस समय लगभग हर सेक्टर में तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं. यहां तक कि कई परिवारों में पत्नी की इनकम पति से ज्यादा हो चुकी है.

एक तरह से देखें तो यह पॉजिटिव चेंज है, लेकिन पुरुषों के नजरिए से देखें तो शायद यह स्थिति मानसिक दबाव और रिश्ते में असहजता की वजह भी बन सकती है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर ऐसा रिश्ता में टेंशन हो, बल्कि ऐसा तो समाज और पहली की सोच के चलते होता है. लेकिन सवाल उठता है कि पुरुषों पर दबाव क्यों पैदा होता है?

पुरुष क्यों महसूस करता है दबाव?

कई पुरुष बचपन से यह सोच लेकर बड़े होते हैं कि परिवार का मुख्य कमाने वाला वही होगा. ऐसे में जब पत्नी की कमाई ज्यादा हो जाती है तो कुछ पुरुष खुद थोड़ा असहज हो सकते हैं. यह दबाव केवल पैसों का नहीं होता, बल्कि समाज, रिश्तेदारों और दोस्तों की सोच का होता है. कई बार पत्नी की सफलता पर गर्व होने के बावजूद मन में यह सवाल उठता है कि क्या अब उसकी अपनी भूमिका पहले जैसी रह गई है.

स्टडी में क्या सामने आया?

पिछले 17 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित एक स्टडी में पाया गया कि जिन परिवारों में पत्नी घर की आय का बड़ा हिस्सा कमाती थी, वहां कुछ पुरुषों में मानसिक तनाव की संभावना अधिक देखी गई. यही पैटर्न केवल शादीशुदा जोड़ों तक सीमित नहीं था, बल्कि साथ रहने वाले अविवाहित कपल्स में भी दिखाई दिया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तनाव कम कमाने की वजह से नहीं, बल्कि ट्रेडिश्नल जेंडर रोल्स के कारण पैदा हो सकता है.

महिलाओं पर भी बढ़ सकता है बोझ

रिपोर्ट का एक दूसरा पहलू भी उतना ही अहम है. कई मामलों में पत्नी ज्यादा कमाने के बावजूद घर की जिम्मेदारियां भी पहले की तरह निभाती रहती है. यानी नौकरी के साथ खाना बनाना, बच्चों की देखभाल और घरेलू कामों का बड़ा हिस्सा भी उसी पर रहता है. ऐसे में आर्थिक सफलता उसके लिए एक्स्ट्रा जिम्मेदारी का कारण बन सकती है, जिससे रिश्ते में संतुष्टि कम होने की संभावना बढ़ती है.

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किसी रिश्ते की सफलता इस बात पर डिपेंड नहीं करती कि कौन ज्यादा कमाता है, बल्कि इस पर कि दोनों एक-दूसरे का सम्मान कितना करते हैं और जिम्मेदारियों को कैसे शेयर करते हैं. बदलते समय में पुरुषों के लिए भी यह समझना जरूरी है कि उनकी पहचान केवल सैलरी से तय नहीं होती.