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एक आंख और आधा दिमाग खोलकर क्यों सोती है डॉल्फिन, बड़ी दिलचस्प है इसके पीछे की वजह

डॉल्फिन को समय-समय पर हवा लेने के लिए ऊपर आना पड़ता है और शिकारियों पर नजर रखने के लिए वो एक आंख खोलकर सोती है. डॉल्फिन को सोते समय भी सचेत रहना पड़ता है. डॉल्फिन की सांस अवचेतन नहीं है. उन्हें सक्रिय रूप से यह तय करना होता है कि कब सांस लेनी है.

Dophin sleep with one eye open (Unsplash) Dophin sleep with one eye open (Unsplash)
हाइलाइट्स
  • दिमाग का एक हिस्सा रहता है जगा 

  • एक आंख खोलकर सोती है डॉल्फिन

डॉल्फिन मछलियों को मनुष्य का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है. कई जगह इनके शो भी रखे जाते हैं जिसे लोग स्पेशली देखने जाते हैं. डॉल्फिन की कई क्वालिटीज़ को ह्यूमन के साथ कंपेयर किया जाता है. लेकिन डॉल्फिन का सोने का पैटर्न मनुष्यों से काफी अलग होता है. एक तरफ जहां मनुष्य लंबे समय तक अचेत होकर सोता है, वहीं डॉल्फिन एक आंख और आधा दिमाग खोलकर सोती है. जी हां, डॉल्फिन सचमुच आधी जागती हैं!

दिमाग का एक हिस्सा रहता है जगा 
अब आपके दिमाग में ये सवाल आया होगा कि ऐसा क्यों? दरअसल डॉल्फिन को समय-समय पर हवा लेने के लिए ऊपर आना पड़ता है और शिकारियों पर नजर रखने के लिए वो एक आंख खोलकर सोती है. डॉल्फिन को सोते समय भी सचेत रहना पड़ता है. डॉल्फिन की सांस अवचेतन नहीं है. उन्हें सक्रिय रूप से यह तय करना होता है कि कब सांस लेनी है. एक समय पर डॉल्फिन के दिमाग का एक हिस्सा ही सोता है, जबकि दूसरा हिस्सा जगा रहता है.

अगर डॉल्फिन की बायीं आंख बंद है मतलब कि उसके दिमाग का दायां भाग सो रहा है. वहीं अगर उसकी दायीं आंख बंद है यानी कि उसके दिमाग का बायां भाग सो रहा है. इसका अर्थ ये हुआ कि जिस समय डॉल्फिन की जो आंख बंद होती है उस समय उसके दिमाग का विपरीत भाग सो रहा है. इस तरह के सोने को यूनीहेमीस्फेरिक स्लीप (Unihemispheric sleep) कहते हैं.

क्या डॉल्फिन को भी होती है नींद की कमी?
अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा कि क्या लगातार निगरानी करने के कारण डॉल्फिन को भी नींद की कमी की समस्या होती है? लाइवसाइंस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के समुद्री स्तनपायी कार्यक्रम के सैम रिडवे और उनके सहयोगियों ने डॉल्फिन के इस स्लीपिंग पैटर्न पर रिसर्च की. उन्होंने दो डॉल्फ़िन को 0.5-सेकंड बीप के बैकग्राउंड के खिलाफ बेतरतीब ढंग से सुनाई देने वाली 1.5-सेकंड की बीप का जवाब देने के लिए ट्रेन किया. डॉल्फिन ने पहले दिन की तरह पांचवें दिन आवाज़ों पर उतनी ही तेजी से प्रतिक्रिया दी.

शोधकर्ताओं ने नींद की कमी के शारीरिक लक्षणों के लिए डॉल्फिन के खून की भी जांच की, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला. वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि डॉल्फ़िन अपने दिमाग के दो हेमिस्फेयर के बीच सूचना स्थानांतरित करती हैं.