Red Chilli Pickle
Red Chilli Pickle
हमारे देश में अचार की कई वैराइटी मिलती है. अचार किसी भी खाने का स्वाद बढ़ा देता है. यदि आपको तीखा और चटपटा स्वाद पसंद है तो आप लाल मिर्च के अचार को ट्राई कर सकते हैं. यूपी और बिहार के लोग भरवां लाल मिर्च के अचार को चटकारे लेकर खाते हैं. आज हम आपको घर पर लाल मिर्ची का स्वादिष्ट अचार बनाने की सबसे आसान विधि बता रहे हैं. आपको मालूम हो कि बाजार में मिलने वाले अचारों में प्रिजरवेटिव और मिलावट की आशंका रहती है, वहीं घर पर बना अचार स्वाद के साथ-साथ सेहत का भरोसा भी देता है.
अचार बनाने के लिए ऐसी मिर्ची का करें चुनाव
अचार बनाने की शुरुआत सही मिर्ची के चयन से होती है. इसके लिए मोटी, ताजी और कम तीखी लाल मिर्ची सबसे बेहतर मानी जाती है. आमतौर पर भरवां मिर्च या अचारी मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है. मिर्ची पर किसी भी तरह के दाग-धब्बे या सड़न नहीं होनी चाहिए. ताजी मिर्ची अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करती है.
लाल मिर्ची को अच्छी तरह से धो लें
अच्छी लाल मिर्चियों का चुनाव करने के बाद अब इसे पानी से अच्छी तरह धो लें. इसके बाद उन्हें सूखे कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें. ध्यान रखें कि मिर्चियों में नमी बिल्कुल न रहे, क्योंकि नमी अचार खराब होने का कारण बन सकती है. अब मिर्चियों के डंठल हटा दें और बीच से लंबा चीरा लगाएं, ताकि मसाला अच्छी तरह भरा जा सके.
इन मसालों की पड़ेगी जरूरत
लाल मिर्ची के अचार का असली स्वाद उसके मसालों में छुपा होता है. इसके लिए मुख्य रूप से सौंफ, राई, मेथी दाना, जीरा और धनिया का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा हल्दी, नमक, लाल मिर्च पाउडर और हींग भी डाली जाती है. ये सभी मसाले न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि प्राकृतिक रूप से अचार को सुरक्षित रखने में भी मदद करते हैं. सभी साबुत मसालों को हल्की आंच पर सूखी कड़ाही में खुशबू आने तक भून लें. ध्यान रखें कि मसाले जलें नहीं. ठंडा होने के बाद इन्हें दरदरा पीस लें. अब इसमें स्वादानुसार नमक, हल्दी और थोड़ा सा लाल मिर्च पाउडर मिलाएं. अंत में एक चुटकी हींग डालें. यह मसाला मिश्रण अचार को उसका पारंपरिक स्वाद देता है.
सरसों के तेल के बिना लाल मिर्ची का अचार अधूरा
लाल मिर्ची का अचार सरसों के तेल के बिना अधूरा माना जाता है. सरसों का तेल न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि यह एक प्राकृतिक प्रिजरवेटिव भी है. सरसों के तेल को कड़ाही में तब तक गर्म करें जब तक उसमें से हल्का धुआं न उठने लगे. इसके बाद गैस बंद कर तेल को ठंडा होने दें ताकि कच्चापन खत्म हो जाए.
ऐसे भरें मिर्ची में मसाला
ठंडा हो चुके सरसों के तेल में तैयार मसाला मिलाएं और अच्छे से चलाएं. अब इस मिश्रण को सावधानी से मिर्चियों के अंदर भरें. कोशिश करें कि हर मिर्ची में बराबर मात्रा में मसाला जाए. भरी हुई मिर्चियों को एक साफ और सूखे कांच के जार में रखते जाएं. जब सारी मिर्चियां जार में रख दी जाएं, तो ऊपर से बचा हुआ मसाले वाला तेल भी डाल दें. यह जरूरी है कि सारी मिर्चियां तेल में डूबी रहें. इससे अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और फंगस लगने की संभावना कम हो जाती है. जार का ढक्कन अच्छी तरह बंद करें.
धूप में रखें लाल मिर्ची का अचार
अचार को स्वादिष्ट बनाने के लिए उसे धूप दिखाना बेहद जरूरी होता है. लाल मिर्ची के जार को 6 से 7 दिनों तक रोजाना धूप में रखें. दिन में एक बार जार को हल्का सा हिला दें, ताकि तेल और मसाले अच्छे से मिल जाएं. कुछ दिनों में मिर्चियां नरम होने लगेंगी और मसालों का स्वाद अंदर तक समा जाएगा.
स्वाद ही नहीं सेहत के लिए भी फायदेमंद
लाल मिर्ची का अचार सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है. इसमें मौजूद मसाले पाचन को बेहतर बनाते हैं. सरसों का तेल और मेथी दाना पेट के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. सीमित मात्रा में सेवन करने पर यह भूख बढ़ाने और भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है.
अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के टिप्स
अचार निकालते समय हमेशा सूखी और साफ चम्मच का इस्तेमाल करें. जार में पानी या नमी न जाने दें.अगर जरूरत महसूस हो, तो ऊपर से थोड़ा और गर्म करके ठंडा किया हुआ सरसों का तेल डाल सकते हैं. सही तरीके से रखा गया अचार 6 महीने या उससे भी ज्यादा समय तक खराब नहीं होता.
घर के स्वाद की खास पहचान
घर पर बना लाल मिर्ची का अचार न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसमें अपनापन और परंपरा भी जुड़ी होती है. यह अचार हर भोजन को खास बना देता है और घर की रसोई से जुड़ी यादों को ताजा करता है. साफ-सफाई और सही विधि अपनाकर बनाया गया यह अचार हर मौसम में खाने का आनंद देता है.