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इस देश में बदसूरत होना है गुनाह! खुद मां-बाप करवाते हैं बच्चे की प्लास्टिक सर्जरी... सुंदर दिखने का होता है दबाव

साउथ कोरिया में हर एक हजार लोगों पर करीब 8.9 से 13.5 कॉस्मेटिक सर्जरी होती हैं. खासतौर पर युवा महिलाओं में कॉस्मेटिक प्रोसीजर का चलन ज्यादा देखने को मिलता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 19 से 29 साल की करीब 25 प्रतिशत महिलाओं ने कम से कम एक कॉस्मेटिक प्रोसीजर कराया है.

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दुनिया भर में लोग खूबसूरत दिखना चाहते हैं. कोई क्रीम और घरेलू नुस्खे अपनाता है, तो कोई जिम और डाइट के जरिए अपनी लुक बेहतर करने की कोशिश करता है. लेकिन साउथ कोरिया में खूबसूरती को लेकर सोच कुछ ज्यादा ही सख्त मानी जाती है. यहां प्लास्टिक सर्जरी करवाना काफी आम है और कई परिवार इसे बच्चों के बेहतर भविष्य से जोड़कर देखते हैं.

साउथ कोरिया दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां प्रति व्यक्ति प्लास्टिक सर्जरी की दर काफी ज्यादा बताई जाती है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां हर एक हजार लोगों पर करीब 8.9 से 13.5 कॉस्मेटिक सर्जरी होती हैं. खासतौर पर युवा महिलाओं में कॉस्मेटिक प्रोसीजर का चलन ज्यादा देखने को मिलता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 19 से 29 साल की करीब 25 प्रतिशत महिलाओं ने कम से कम एक कॉस्मेटिक प्रोसीजर कराया है.

गंगनाम बना प्लास्टिक सर्जरी का हब
सियोल का गंगनाम इलाका प्लास्टिक सर्जरी के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. यहां बड़ी संख्या में कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिक मौजूद हैं. सबसे ज्यादा कराई जाने वाली प्रक्रियाओं में डबल आईलिड सर्जरी शामिल है. इसमें आंखों पर फोल्ड बनाया जाता है, जिससे आंखें बड़ी और अलग नजर आती हैं. इसके अलावा नाक की सर्जरी, वी-लाइन जबड़े की शेपिंग, लिपोसक्शन और बोटॉक्स भी काफी लोकप्रिय हैं.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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बच्चों की सर्जरी भी करवाते हैं माता-पिता
साउथ कोरिया में कई माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें प्लास्टिक सर्जरी का तोहफा तक देते हैं. कुछ परिवारों का मानना है कि बेहतर लुक से नौकरी और शादी के मौके बढ़ सकते हैं. यहां जॉब एप्लिकेशन में फोटो लगाना भी आम है. इसी वजह से लुक को लेकर दबाव और भेदभाव की चर्चा अक्सर होती रहती है. हालांकि, हर कोरियाई व्यक्ति प्लास्टिक सर्जरी को जरूरी नहीं मानता, लेकिन वहां की ब्यूटी इंडस्ट्री और सामाजिक दबाव ने इसे काफी सामान्य जरूर बना दिया है.

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