बिना चीनी की खीर
बिना चीनी की खीर
आजकल बहुत से लोग चीनी वाली खीर से दूरी बनाने लगे हैं. वजह साफ है, क्योंकि ज्यादा चीनी सेहत के लिए नुकसानदायक मानी जाती है, जैसे वजन बढ़ना, शुगर का खतरा और पाचन से जुड़ी दिक्कतें. कई लोग अब हेल्दी विकल्प ढूंढ रहे हैं, जिसमें स्वाद भी बना रहे और सेहत भी. ऐसे में बिना चीनी वाली खीर एक बेहतरीन ऑप्शन बनकर सामने आता है. खासकर जब बिना मीठा खीर में मिठास पूरी मिले, लेकिन बिना रिफाइंड शुगर के.
अगर आप सोच रहे हैं कि बिना चीनी की खीर फीकी लगेगी, तो यहां आप गलत हैं. इस खीर का स्वाद और भी ज्यादा रिच और नैचुरल होता है. इसमें इस्तेमाल होने वाली खजूर, गुड़ या किशमिश की मिठास धीरे-धीरे दूध में घुलती है, जिससे हर चम्मच में एक गहरा और देसी फ्लेवर खीर में मिलाता है. कई बार तो इसका स्वाद इतना अच्छा होता है कि हलवाई वाली खीर भी फीकी लगने लगती है.
बिना चीनी खीर बनाने का सामान
1 लीटर फुल क्रीम दूध
आधा कप बासमती चावल (भिगोकर)
8 से 10 खजूर (बीज निकालकर कटे हुए)
2 चम्मच किशमिश
आधा कप गुड़ (कद्दूकस किया हुआ)
4 से 5 इलायची (पीसी हुई)
8 से 10 काजू और बादाम (कटे हुए)
1 छोटा चम्मच घी
बनाने का तरीका
1. दूध को उबालना शुरू करें
सबसे पहले एक भारी तले वाले बर्तन में दूध डालकर मध्यम आंच पर उबालें. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि दूध नीचे न लगे.
2. चावल डालें और पकाएं
अब भीगे हुए चावल डाल दें और धीमी आंच पर पकने दें. चावल को अच्छी तरह गलने तक पकाएं, ताकि खीर क्रीमी बने.
3. खजूर और किशमिश मिलाएं
जब चावल पक जाएं, तब इसमें कटे हुए खजूर और किशमिश डालें. ये दोनों चीजें दूध में अपनी नैचुरल मिठास छोड़ेंगी.
4. गुड़ मिलाने का सही तरीका
गैस को धीमा कर दें और थोड़ा ठंडा होने पर गुड़ डालें. ध्यान रखें कि उबलते दूध में गुड़ डालने से दूध फट सकता है, इसलिए इसे थोड़ा ठंडा करके ही मिलाएं.
5. ड्राई फ्रूट्स और इलायची डालें
अब घी में हल्का भुने हुए काजू-बादाम डालें और साथ में इलायची पाउडर मिलाएं. इससे खीर की खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएंगे.
परफेक्ट स्वाद के लिए खास टिप्स
खजूर को पहले थोड़ा गर्म पानी में भिगो लें, इससे वो जल्दी घुल जाएंगे.
गुड़ की क्वालिटी अच्छी रखें, इससे खीर का स्वाद और रंग बेहतर आएगा.
खीर को धीमी आंच पर ही पकाएं, तभी उसमें असली मलाईदार टेक्सचर आएगा.
क्यों खास है ये बिना चीनी की खीर?
यह खीर सिर्फ स्वाद में ही नहीं, सेहत में भी नंबर वन है. इसमें मौजूद नैचुरल मिठास शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती. साथ ही दूध और ड्राई फ्रूट्स इसे पौष्टिक बनाते हैं. अगर आप एक बार इस रेसिपी को ट्राय करेंगे, तो यकीन मानिए बार-बार बनाने का मन करेगा. स्वाद ऐसा कि घर वाले भी पूछेंगे आखिर इसमें ऐसा क्या डाला है.
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