Tea Leaves are Beneficial for Plants
Tea Leaves are Beneficial for Plants
हमारे देश में शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां सुबह और शाम को चाय न बनती हो. यदि आप भी चाय पीने के साथ बाग-बगीचे का शौक रखते हैं तो हम आपको बड़े काम की जानकारी दे रहे हैं. यदि आप चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्ती को कचरा समझकर कूड़े में फेंक देते हैं, तो आप बड़ी गलती कर रहे हैं. आप बची हुई चायपत्ती को पौधे में डाल सकते हैं. इससे मुरझाए हुए पौधों में भी जान आ जाएगा. आइए जानते हैं कैसे चायपत्ती को पावरफुल खाद बनाकर पौधे में यूज कर सकते हैं?
चायपत्ती में नाइट्रोजन, पोटेशियम और फास्फोरस की होती है भरपूर मात्रा
चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्ती पेड़-पौधों के लिए बेहतरीन प्राकृतिक खाद हो सकती है क्योंकि चायपत्ती में नाइट्रोजन, पोटेशियम और फास्फोरस की भरपूर मात्रा होती है. चायपत्ती मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा को बढ़ाने का काम करता है.
नाइट्रोजन पौधों की पत्तियों का हरा-भरा रखता है और उनका ग्रोथ बढ़ाता है. फूलों और फलों की बढ़ोतरी में पोटेशियम साहक होता है. फास्फोरस पौधों की जड़ों को मजबूती प्रदान करने के साथ उनका विकास भी करता है. ऐसे में चायपत्ती को चाय बनाने के बाद भूलकर भी कूड़ेदान में न फेंके. यदि आप चायपत्तियों का खाद बनाकर अपने बगीचे में सूख रहे पौधों में डालेंगे तो मुरझाए पौधों में भी जान आ जाएगी और वे खिल उठेंगे.
चायपत्ती से ऐसे बनाएं पौधों में डालने के लिए खाद
आप रोज चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्तियों को एकत्र करें. 10-15 दिनों तक चायपत्तियों को इकट्ठा करें. इसके बात चाय की पत्तियों को अच्छी तरह से पानी में धो लें. धोने के बाद चाय की पत्तियों से दूध और चीनी बाहर निकल जाएगा.
चायपत्ती को धोने के बाद इसे दो से तीन दिनों तक अच्छी तरह से धूप में सुखाएं. इसे तब तक सुखाएं जब तक यह एकदम भुरभुरी न हो जाए. जब चायपत्ती पूरी तरह से सूख जाए तो इसे डिब्बे में स्टोर कर लें. आप चाहें तो सुखी चायपत्तियों को बारीक पाउडर में भी पीस सकते हैं. इस तरह से चायपत्ती पौधों में डालने के लिए तैयार है. ध्यान रखें यदि आप ताजा चायपत्ती का इस्तेमाल करेंगें तो यह पौधों की जड़ों को जला सकता है.
ऐसे करें चायपत्ती का इस्तेमाल
आप गमले में लगे पौधों की मिट्टी की सबसे पहले गुड़ाई कर लें और कुछ देर के लिए पौधों की जड़ों में हवा लगने दें. इसके बाद एक बड़े बर्तन में दो चम्मच चायपत्ती और एक मुट्ठी मिट्टी लेकर अच्छी तरह मिला लें. फिर चायपत्ती और मिट्टी के मिश्रण को पौधे की जड़ में डालें और मिट्टी भर दें. अब पौधे में पानी डाल दें. इसके बाद गमले वाले पौधे को छांव में रख दें. महीने में सिर्फ एक बार ऐसा करके देखिए पौधा लहलहा उठेगा.
चायपत्ती से बना सकते हैं लिक्विड खाद
यदि आपको पौधों के लिए लिक्विड खाद बनाना है तो आप चायपत्ती से बना सकते हैं. आपने जो चायपत्ती सुखाकर रखी है, उसमें से तीन-चार बड़े चम्मच चायपत्ती लेकर एक बाल्टी में डालें. इसके बाद उसमें एक-दो लीटर पानी मिला दें. चायपत्ती और पानी को बाल्टी में एक से दो दिनों तक रहने दें. आप चाहें तो चायपत्ती और पानी में केले के छिलके का पाउडर, अंडे के कुचले हुए छिलके, नीम का पाउडर भी मिला सकते हैं.
तीसरे दिन पानी का रंग गहरा हो चुका होगा. इसके बाद पानी को छान लें. अब न्यूट्रिशन से भरे पानी को पौधों में डालें. इस पानी को महीने में एक बार डाल कर देखिए आपके पौधों में नई जान आ जाएगी और वे खिलखिला उठेंगे. आपको मालूम हो कि वैसे तो चायपत्ती से बनी खाद का आप किसी भी पौधे में इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन यह विशेष रूप से उन पौधों के लिए अधिक फायदेमंद है, जिन्हें थोड़ी अम्लीय मिट्टी पसंद होती है. आप यदि चायपत्ती की खाद को गुलाब के फूल के पौधे, अजेलिया, कैमेलिया, ब्लूबेरी, मिर्च और टमाटर के पौधों में डालेंगे तो उनका विकास तेज गति से होगा. फल और फूल काफी आएंगे.