scorecardresearch

Varanasi News: जब जिला जज की कुर्सी पर कब्जा जमाकर बैठ गई एक महिला, वकीलों से गवाह और सबूत पेश करने को कहा, जानें फिर क्या हुआ?

वाराणसी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला जिला जज की कुर्सी पर कब्जा जमाकर बैठ गई और खुद को जज बताने लगी. इतना ही नहीं इस महिला ने वकीलों से गवाह और सबूत पेश करने के लिए भी कहा. आइए जानते हैं फिर क्या हुआ?

Varanasi District Judge Court Varanasi District Judge Court

वाराणसी के जिला जज कोर्ट में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब एक अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया. जी हां, यहां एक महिला ने अचानक जिला जज की कुर्सी पर बैठकर खुद को आज की जज बताया और अदालत की कार्यवाही शुरू करने की कोशिश की. काफी समझाने पर भी जब महिला जिला जज की कुर्सी से नही हटी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला पुलिस की मदद से उसे उतारा और अपने साथ थाने ले गई.

कोर्ट कक्ष में मौजूद लोग हो गए हैरान
दरअसल, शुक्रवार सुबह एक अधेड़ उम्र की महिला न्यायालय पहुंचीं और बिना अनुमति सीधे जिला जज के कोर्ट रूम में चली गईं. जिला जज अवकाश पर थे. इस वजह से महिला ने जिला जज की कुर्सी पर जगह बना लिया और घोषणा की कि आज वह सभी मामले सुनेंगी. महिला ने हैमर की आवाज की नकल करते हुए बार-बार ऑर्डर-ऑर्डर कहा और वकीलों से गवाह और सबूत पेश करने को कहा. इससे कोर्ट कक्ष में मौजूद लोग हैरान रह गए.
 
करीब एक घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा 
महिला की पहचान वाराणसी के शिवपुर निवासी 50 वर्षीय वंदना गुप्ता के रूप में हुई. जब वकीलों और कर्मचारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कुर्सी से उतरने को कहा तो महिला ने उनकी बात नहीं मानी. महिला ने कोर्ट कक्ष में रखी कुछ फाइलें भी उठाईं और सुनवाई शुरू करने जैसी हरकतें की. कुछ वकीलों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जिसपर महिला और अधिक गुस्सा हो गई. करीब एक घंटे तक यह हाई-वोल्टेज ड्रामा चला, तब तक पुलिस को सूचना दी गई. 

डिप्रेशन की शिकार बताई जा रही महिला
पुलिस महकमे की टीम जल्दी ही मौके पर पहुंची. महिला को कुर्सी से हटाया और उसे समझाने के बाद हिरासत में लेकर कैंट थाने ले गई. जहां उससे पूछताछ की गई. वाराणसी कोर्ट परिसर में इस घटना ने सुरक्षा और अदालत की मर्यादा पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं. जानकारी होने पर अपर जिला जज युजवेंद्र विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण देने का निर्देश भी जारी किया. बताया जाता है कि वर्ष 2012 में अपने पति से अलग हो चुकी वंदना गुप्ता का एक मामला वाराणसी के फैमिली कोर्ट में चल रहा है. वर्ष 2013 में वंदना ने दूसरी शादी की लेकिन वह भी ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सकी. साल 2018 में मां और 2021 में पिता के निधन के बाद बताया जाता है कि वह डिप्रेशन की शिकार हो गई है और वाराणसी कोट पहुंचकर पहले भी कई बार उटपटांग हरकतें कर चुकी है.