IRCTC Overcharging In Indian Railway
IRCTC Overcharging In Indian Railway
भारत में लंबी दूरी के सफर के लिए आज भी ट्रेन सबसे भरोसेमंद और किफायती मानी जाती है. हर दिन करोड़ों लोग रेलवे के जरिए अपने डेस्टीनेशन तक पहुंचते हैं. प्लेन के मुकाबले ट्रेन का किराया काफी कम होता है, यही वजह है कि ज्यादा लोग सफर के लिए रेलवे को पहले चुनते हैं. इसके साथ ही यात्रियों को सफर के दौरान खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं.
रेल यात्रियों को भोजन और पानी जैसे डिंक्स मुहैया कराने की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी (IRCTC) के पास होती है. ट्रेन में चाय, कॉफी, पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक और भोजन जैसी कई चीजें मुहैया कराई जाती हैं. इन चीज़ों की बिक्री के लिए रेलवे ने साफ तौर पर नियम निर्धारित किए हैं, जिनका पालन करना सभी वेंडर्स के लिए जरूरी है.
जिस तरह यात्रियों के लिए रेलवे के कुछ नियम होते हैं, उसी तरह कैटरिंग सेवा देने वाले वेंडर्स के लिए भी दिशा-निर्देश तय किए गए हैं. रेलवे के नियमों के अनुसार कोई भी वेंडर किसी प्रोडक्ट के लिए MRP से अधिक दाम नहीं ले सकता. यदि कोई ऐसा करता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाता है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
भारतीय रेलवे यात्रियों से अधिक पैसे वसूलने वाले वेंडर्स के खिलाफ सख्त रुख अपनाता है. शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और उसके खिलाफ अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है. इसलिए यात्रियों को अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है.
मान लीजिए आपने ट्रेन में एक कोल्ड ड्रिंक खरीदी, जिसकी MRP 40 रुपए है, लेकिन वेंडर आपसे 50 रुपए मांगता है. ऐसी स्थिति में आपको पैसे चुकाने के बजाय तुरंत शिकायत दर्ज करनी चाहिए. इसके लिए भारतीय रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर 139 की सुविधा उपलब्ध कराई है.
शिकायत दर्ज करने के लिए आपको रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करना होगा. कॉल के दौरान आपको यह बताना होगा कि आपकी शिकायत किस विषय से संबंधित है. यदि मामला कैटरिंग सेवा या खाने-पीने की वस्तुओं से जुड़ा है, तो इसकी जानकारी देनी होगी. इसके बाद आपसे आपका पीएनआर नंबर मांगा जाएगा. आवश्यक जानकारी देने के बाद आपकी शिकायत दर्ज कर ली जाती है और रेलवे संबंधित मामले में जल्द कार्रवाई शुरू कर देता है.