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Waxing vs shaving: वैक्सिंग या शेविंग... कौन सा हेयर रिमूवल तरीका है बेहतर?

वैक्सिंग या शेविंग. दोनों ही तरीके आसान माने जाते हैं, हालांकि इसके फायदे और नुकसान अलग-अलग हैं. किसी के लिए वैक्सिंग ज्यादा असरदार लगती है, तो किसी को शेविंग ज्यादा सुविधाजनक. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कौन सा तरीका बेहतर है. तो चलिए आज आपको बताते हैं कि वैक्सिंग या शेविंग दोनों में से क्या बेहतर होता है.

Hair removal Hair removal

अनचाहे बालों को हटाने के लिए महिलाएं अक्सर दो सबसे आम तरीकों के बीच उलझ जाती हैं- वैक्सिंग या शेविंग. दोनों ही तरीके आसान माने जाते हैं, हालांकि इसके फायदे और नुकसान अलग-अलग हैं. किसी के लिए वैक्सिंग ज्यादा असरदार लगती है, तो किसी को शेविंग ज्यादा सुविधाजनक. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कौन सा तरीका बेहतर है. तो चलिए आज आपको बताते हैं कि वैक्सिंग या शेविंग दोनों में से क्या बेहतर होता है.

वैक्सिंग
वैक्सिंग को लंबे समय तक असर देने वाला तरीका माना जाता है. इसमें बाल जड़ से निकलते हैं, जिससे त्वचा ज्यादा समय तक साफ रहती है. बार-बार वैक्सिंग कराने से कुछ लोगों में बाल पतले और कम घने भी हो सकते हैं. इसके अलावा वैक्सिंग त्वचा की हल्की एक्सफोलिएशन भी करती है. यानी यह डेड स्किन सेल्स को हटाकर स्किन को स्मूथ और चमकदार बना सकती है. हालांकि, वैक्सिंग दर्दनाक हो सकती है और सेंसिटिव त्वचा वाले लोगों को इसमें जलन या लालिमा का सामना करना पड़ सकता है.

शेविंग
शेविंग एक तेज, आसान और बिना दर्द वाला तरीका है. इसमें बाल त्वचा की ऊपरी सतह से हटते हैं, इसलिए यह तुरंत किया जा सकता है और किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं होती. अगर सही तकनीक, साफ रेजर और पर्याप्त मॉइश्चराइजिंग का इस्तेमाल किया जाए, तो शेविंग सुरक्षित भी हो सकती है. यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो जल्दी में हों या दर्द से बचना चाहते हों. लेकिन इसका असर कम समय तक रहता है और बाल जल्दी वापस आ जाते हैं.

किन लोगों को नहीं करनी चाहिए वैक्सिंग
सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के लिए वैक्सिंग समस्या पैदा कर सकती है. इससे त्वचा में लालिमा, सूजन, जलन और कभी-कभी पिगमेंटेशन भी हो सकता है. जो लोग रेटिनॉल या एक्सफोलिएटिंग ट्रीटमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें वैक्सिंग से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा पर माइक्रो-टियर्स यानी छोटे घाव हो सकते हैं. इसके अलावा वैक्सिंग के लिए बालों का थोड़ा बढ़ना जरूरी होता है, जिससे हर समय मेंटेनेंस आसान नहीं रहता.

किन लोगों को शेविंग नहीं करनी चाहिए
शेविंग से कुछ लोगों में रेजर बर्न, खुजली, छोटे कट या फॉलिकुलाइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं. खासकर जिनके बाल मोटे या घुंघराले होते हैं, उनमें इनग्रोन हेयर की समस्या ज्यादा देखी जाती है. बार-बार शेविंग करने से त्वचा रूखी, बेजान और असमान भी हो सकती है. इसलिए जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए.

कौन सा तरीका बेहतर
वैक्सिंग और शेविंग दोनों ही अस्थायी उपाय हैं और दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं. अगर आप लंबे समय तक स्मूद स्किन चाहते हैं और दर्द सह सकते हैं, तो वैक्सिंग बेहतर विकल्प हो सकती है. वहीं अगर आप जल्दी, आसान और बिना दर्द वाला तरीका चाहते हैं, तो शेविंग आपके लिए सही है. आखिर में सही चुनाव वही है जो आपकी त्वचा के अनुकूल हो, आपकी जरूरतों को पूरा करें और जिससे आपको कम से कम परेशानी हो.

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