Tea
Tea What is the Correct Way to Make Tea: चाय को सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में पसंद किया जाता है. हमारे देश में तो कई लोगों की चाय के बिना सुबह की नींद तक नहीं खुलती है. चाय में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. सुबह की एक कप चाय शरीर में फूर्ति ला देती है. हमारे देश में अधिकांश लोग सुबह और शाम में चाय जरूर पीते हैं. क्या आप भी चाय पीने के शौकीन हैं? क्या आप जानते हैं चाय बनाने का सही तरीका क्या है? चाय बनाते समय सबसे पहले चाय पत्ती, चीनी या दूध क्या डालना चाहिए, आइए जानते हैं. अधिकांश लोग चाय बनाते समय यह गलती कर बैठते हैं.
ऐसे बनाएं एकदम परफेक्ट चाय
हम आपको चाय बनाने का एकदम फरफेक्ट तरीका बता रहे हैं. चाय कई प्रकार की होती है जैसे दूध की चाय, ब्लैक टी, ग्रीन टी, लेमन टी आदि. दूध की चाय बनाने के लिए पानी, दूध और चाय पत्ती की जरूरत पड़ेगी. सबसे पहले आपको एक पैन लेना होगा. उसमें दो कप पानी डालना होगा. फिर आपको चाय पत्ती लेनी होगी. पानी की मात्रा यदि आप बढ़ाएंगे तो चाय पत्ती की मात्रा भी बढ़ानी होगी. यदि आप एक कप चाय बना रहे हैं तो उसमें आधा चम्मच चाय पत्ती डाल सकते हैं. चाय बनाने के लिए सबसे पहले आपको पैन में पानी को गर्म करना होगा ताकि दूध डालने के बाद भी पानी की वजह से दूध में कच्चापन न दिखे.
आपको पानी गर्म करने के बाद उसमें दूध डालना है. ऐसा करने एक मिनट बाद चाय पत्ती डालनी होगी. पहले पानी गर्म करके फिर दूध और उसके बाद चाय पत्ती डालकर चाय बनाएंगे तो चाय में कच्चापन नहीं आएगा. इतना ही नहीं दूध फटने की गुंजाइश भी नहीं रहेगी. यदि दूध पहले से उबला हुआ है तो आप पहले पानी को उबालें और उसके बाद चाय पत्ती डालें. इसके बाद आप दूध डालकर थोड़ी देर चाय को पकाएं. चिनी को घुलने में ज्यादा समय नहीं लगता है इसलिए इसमें आप कभी भी चीनी डाल सकते हैं. चाय थोड़ी उबल जाए तो इसमें आप इलायची या अदरक में से कोई भी एक चीज को डालें. फिर इस चाय को अच्छी तरह से उबाल लें. अंत में इसे छानकर पीएं.
चाय पीने के एक-दो नहीं बल्कि इतने फायदे
चाय पीने के कई फायदे भी हैं, बस इसका अति न किया जाए. दूध वाली चाय की जगह ग्रीन टी या ब्लैक टी पीने से शरीर को अधिक लाभ मिलता है. एक स्टडी के मुताबिक जो लोग दिन में दो से तीन कप चाय पीते हैं, उनकी मौत जल्दी होने का खतरा कम हो जाता है. अदरक की चाय में एंटी वायरल कंपाउंड होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद कर सकते हैं. इलायची की चाय भी सेहत के लिए फायदेमंद होती है. ब्लैक टी यानी काली चाय को सुबह खाली पेट पीने से शरीर में दिनभर ताजगी बनी रहती है. काली चाय में कैफीन की मात्रा पाई जाती है जो सिरदर्द के असर को कम करने का काम करती है.
चाय में पॉलीफेनोल्स होते हैं, जोएंटीऑक्सीडेंट्स के रूप में काम करते हैं. ये शरीर को फ्री-रैडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है. चाय में एल-थियानाइन नामक एक एमिनो एसिड होता है. यदि आप रोजाना चाय पीते हैं तो यह मस्तिष्क को शांत करता है, तनाव और चिंता कम करने में मदद करता है. चाय पीने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है. चाय पीने से रक्त वाहिकाओं की कार्यप्रणाली में सुधार होता है. ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है. चाय का सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा कम होता है. ग्रीन टी में कैटेचिन होते हैं, खासकर EGCG, जो फैट जलाने की प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं. औरमेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है. अदरक, पुदीना या कैमोमाइल जैसी हर्बल चाय पाचन तंत्र को ठीक करने, मितली कम करने और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के लक्षणों में राहत देने में प्रभावी हो सकती है. चाय में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स और फ्लेवोनोइड्स इम्यूनिटी को बेहतर बनाने और शरीर को संक्रमणों से लड़ने के लिए तैयार करने में मदद करते हैं.