attar vs perfume
attar vs perfume
गर्मियों का मौसम शुरू होते ही पसीने और शरीर की बदबू लोगों की बड़ी परेशानी बन जाती है. इससे बचने के लिए ज्यादातर लोग परफ्यूम या इत्र का इस्तेमाल करते हैं. पहले जहां लोग केवल परफ्यूम लगाना पसंद करते थे, वहीं अब भारत में इत्र का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि कई लोग इत्र और परफ्यूम को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में काफी फर्क होता है. इनकी खुशबू, बनाने का तरीका और टिकने की क्षमता एक-दूसरे से अलग होती है. ऐसे में सवाल उठता है कि गर्मियों में कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है. तो चलिए आपके सभी सवालों का जवाब देते हैं.
क्या होता है इत्र
इत्र को एक नेचुरल फ्रेगरेंस माना जाता है. इसे बनाने के लिए फूल, जड़ी-बूटियां, मसाले और लकड़ी जैसी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. पारंपरिक तरीके से Steam Distillation तकनीक के जरिए इसकी खुशबू निकाली जाती है और फिर इसे चंदन या दूसरे प्राकृतिक तेलों में मिलाया जाता है.
इत्र की सबसे खास बात यह है कि इसमें अल्कोहल नहीं होता. यही वजह है कि सेंसिटिव स्किन वाले लोग भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. इसकी खुशबू काफी गाढ़ी और लंबे समय तक टिकने वाली होती है. थोड़ा सा इत्र लगाने पर भी पूरे दिन तक खुशबू बनी रह सकती है. आजकल बाजार में गुलाब, चमेली, ऊद, खस और कस्तूरी जैसे कई तरह के इत्र खूब पसंद किए जा रहे हैं. इसे स्प्रे की तरह नहीं बल्कि हाथों से रगड़कर शरीर या कपड़ों पर लगाया जाता है.
परफ्यूम कैसे होता है अलग
परफ्यूम को तैयार करने के लिए सुगंधित तत्वों, एसेंशियल ऑयल, सिंथेटिक पदार्थों और अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है. यही कारण है कि इसमें अलग-अलग तरह की खुशबुएं बनाई जा सकती हैं. बाजार में फ्लोरल, वुडी, फ्रूटी और एक्वाटिक जैसी कई फ्रेगरेंस आसानी से मिल जाती हैं. मॉर्डन परफ्यूम Eau de Parfum, Eau de Toilette और Cologne जैसी अलग-अलग स्ट्रेंथ में आते हैं. इन्हें स्प्रे बोतल में पैक किया जाता है, जिससे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है. डेली लाइफ में ऑफिस, कॉलेज या बाहर जाते समय लोग सबसे ज्यादा परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं.
गर्मियों में कौन है बेहतर
अगर आपको नेचुरल, बिना अल्कोहल और लंबे समय तक टिकने वाली खुशबू चाहिए तो इत्र अच्छा विकल्प हो सकता है. खासतौर पर ट्रेडिशनल फंक्शन, पूजा-पाठ या सेंसिटिव स्किन वालों के लिए यह ज्यादा बेहतर माना जाता है.
वहीं अगर आप रोजाना इस्तेमाल के लिए हल्की और अलग-अलग खुशबू चाहते हैं तो परफ्यूम बेहतर ऑप्शन है. इसमें वैरायटी ज्यादा मिलती है और इसे लगाना भी आसान होता है. आप चाहें तो दोनों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. खास मौकों पर इत्र और डेली लाइफ में परफ्यूम का उपयोग एक अच्छा कॉम्बिनेशन साबित हो सकता है.
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