Air Conditioner Service
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गर्मियों का मौसम लगभग दस्तक दे चुका है. लोगों के घर में एसी का ऑन बटन दबने ही जा रहा है. लेकिन ऑन करने से पहले सर्विस करवाना तो बनता ही है, तभी तो गर्मी में एसी का मज़ा आएगा. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर आपका एसी ऑट ऑफ वॉरंटी हो चुका है, तो उसकी सर्विस लोकल मैकेनिक से कराएं या कंपनी से? इस सवाल का जवाब बड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि दोनों ही ऑप्शन के अपने फायदे और नुकसान हैं. इसलिए कदम बड़ा सोच समझ के उठाना पड़ता है.
सर्विस कराने से पहले यह तय करें कि एसी को केवल सफाई की जरूरत है या उसमें कोई तकनीकी खराबी भी है. अगर सिर्फ डस्ट क्लीनिंग या मेंटेनेंस चाहिए, तो लोकल मैकेनिक बेहतर और किफायती ऑप्शन हो सकता है. लेकिन अगर कूलिंग कम है, गैस लीक है या कोई पार्ट खराब है, तो कंपनी सर्विस ज्यादा भरोसेमंद साबित होती है.
सस्ती और तेज़ी से होने वाली सर्विस
लोकल मैकेनिक से सर्विस कराने का सबसे बड़ा फायदा लागत है. यह कंपनी की तुलना में लगभग 40% से 60% तक सस्ता पड़ सकता है. इसके अलावा, उनकी एक कॉल पर वह हमेशा तैयार रहता है. जबकि कंपनियां 24-48 घंटे का समय ले सकती हैं.
पर इस मामले में कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं. कई लोकल मैकेनिक के पास लेटेस्ट तकनीक वाले उपकरण नहीं होते, जिससे डीप क्लीनिंग सही तरीके से नहीं हो पाती. साथ ही, नकली या लोकल स्पेयर पार्ट्स लगाने के चांस ज्यादा रहते हैं. जिससे एसी पर गहरा असर पड़ सकता है.
भरोसे और क्वालिटी वाली सर्विस
कंपनी से सर्विस कराने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उनके मैकेनिक ट्रेन्ड होते हैं और उन्हें हर मॉडल की सही जानकारी होती है. वे ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, जिन पर वारंटी भी मिलती है. इसके अलावा, कंपनी द्वारा की जाने वाली डीप क्लीनिंग में लेटेस्ट तकनीक वाले उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं.
कंपनी सर्विस का एक बड़ा नुकसान होता है इसकी लागत. छोटे-छोटे कामों के लिए भी अलग-अलग चार्ज जुड़ते जाते हैं, जिससे कुल खर्च बढ़ जाता है. साथ ही, सर्विस के लिए इंतजार भी करना पड़ सकता है, जो कई बार काफी परेशान कर देता है. लेकिन अगर आपका लोकल मैकेनिक भरोसेमंद और अनुभवी है, तो आप उससे सर्विस करवा सकते हैं और पैसे भी बचा सकते हैं. पर अगर एसी पुराना है या उसमें कोई तकनीकी खराबी है, तो कंपनी सर्विस बेहतर होती है.