SPF 15, 30 और 50 में क्या है फर्क
SPF 15, 30 और 50 में क्या है फर्क
गर्मियों का मौसम आते ही तेज धूप और बढ़ते तापमान से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है. ऐसे में त्वचा को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी हो जाता है. सूरज की किरणों में मौजूद अल्ट्रावायलेट रेज यानी UV रेज त्वचा को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती हैं. लंबे समय तक धूप में रहने से टैनिंग, सनबर्न और समय से पहले झुर्रियां जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना एक जरूरी आदत बनानी चाहिए.
क्या होता है SPF और कैसे करता है काम
SPF यानी सन प्रोटेक्शन फैक्टर सनस्क्रीन की वह क्षमता बताता है, जिससे यह त्वचा को UVB किरणों से बचाता है. यह स्किन पर एक सेफ परत बनाता है, जो सूरज की हानिकारक किरणों के असर को कम करता है. SPF जितना ज्यादा होता है, उतनी देर तक त्वचा सुरक्षित रहती है. यह न सिर्फ टैनिंग को रोकता है बल्कि स्किन डैमेज और एजिंग के असर को भी कम करता है.
SPF 15, 30 और 50 में क्या है फर्क
अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा SPF वाला सनस्क्रीन ही सबसे बेहतर होता है, लेकिन ऐसा पूरी तरह सही नहीं है. SPF 30 और SPF 50 के बीच सुरक्षा का अंतर बहुत कम होता है. SPF 30 करीब 97 प्रतिशत UVB किरणों से बचाता है, जबकि SPF 50 लगभग 98 प्रतिशत सुरक्षा देता है. यानी दोनों के बीच फर्क बहुत मामूली है.
SPF 15 हल्की सुरक्षा देता है और कम समय के लिए धूप में रहने वालों के लिए ठीक है. SPF 30 रोजाना इस्तेमाल के लिए अच्छा माना जाता है, खासकर अगर आप थोड़े समय के लिए बाहर निकलते हैं. वहीं SPF 50 उन लोगों के लिए बेहतर है जो लंबे समय तक तेज धूप में रहते हैं या जिनकी त्वचा ज्यादा संवेदनशील होती है.
किस स्किन के लिए कौन-सा सनस्क्रीन सही
ऑयली स्किन वालों को जेल बेस्ड या मैट फिनिश सनस्क्रीन चुनना चाहिए. ड्राई स्किन के लिए मॉइस्चराइजिंग सनस्क्रीन बेहतर रहता है. संवेदनशील त्वचा वालों को मिनरल बेस्ड सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे एलर्जी का खतरा कम होता है.
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