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Car Insurance Claim In Monsoon: मानसून में बारिश से पहुंचा कार को नुकसान, ऐसे में क्या बीमा कंपनी पास करेगी क्लेम.. जानें सबकुछ

कई लोग सोचते हैं कि मानसून में इंश्योरेंस कंपनी कार को बारिश से पहुंचे नुकसान की भरपाई कर देगी. लेकिन यह बहुत बड़ी गलतफहमी है. आपका क्लेम पास होता है या नहीं होता यह कई बातों पर निर्भर करता है.

Car Insurance and Claim Car Insurance and Claim

मानसून के समय तेज बारिश और जलभराव की वजह से कारों का खराब होना एक बात है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या इंश्योरेंस कंपनी गाड़ी की मरम्मत का खर्च देगी या नहीं. तो बता दें कि इसका जवाब आपकी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी पर निर्भर करता है. 

अगर आपके पास सिर्फ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है, तो अपनी कार के नुकसान का खर्च आपको खुद उठाना पड़ सकता है. वहीं, अगर आपने कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस लिया है, तो बाढ़, भारी बारिश, तूफान जैसी आपदा से हुए नुकसान का क्लेम आप कर सकते हैं. लेकिन इसमें भी कुछ शर्तें लागू होती हैं.

हर नुकसान का नहीं मिलता क्लेम

कई लोग यह मान लेते हैं कि बारिश से जुड़ा हर नुकसान इंश्योरेंस में कवर हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है. मान लीजिए कि अगर आपकी कार पानी में बंद हो गई और आपने बार-बार स्टार्ट करने की कोशिश की, जिससे इंजन में पानी चला गया और इंजन खराब हो गया, तो नॉर्मल कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में इसका क्लेम आप नहीं ले पाएंगे. इस स्थिति को 'कन्सीक्वेंशल लॉस' माना जाता है. लेकिन, यदि आपने इंजन प्रोटेक्शन या इंजन सिक्योर जैसे एक्स्ट्रा कवर (ऐड-ऑन) लिए हैं, तभी इस तरह के नुकसान के लिए क्लेम कर सकते हैं.

क्लेम रिजेक्ट होने की बड़ी वजहें

इंश्योरेंस कंपनी सिर्फ नुकसान देखकर क्लेम पास नहीं करती, बल्कि वह यह भी देखती है कि पॉलिसी की शर्तों को माना गया है या नहीं.  अगर दुर्घटना के बाद इंश्योरेंस कंपनी को टाइम से जानकारी नहीं दी गई, या जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए गए, इंसपेक्शन से पहले कार की मरम्मत करा ली गई या आपकी गलती से गहरे पानी में गाड़ी चलाई गई, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. साथ ही गलत जानकारी देने या एक्सपायर पॉलिसी होने पर भी क्लेम रिजेक्ट हो जाता है.

बारिश में कार फंस जाए तो क्या करें

अगर आपकी कार गहरे पानी में फंस जाए, तो सबसे पहले इंजन बंद कर दें और दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश बिल्कुल न करें. साथ ही कार की तस्वीरें और वीडियो तुरंत रिकॉर्ड करें ताकि नुकसान का सबूत आपके पास रहे. इसके बाद जल्द से जल्द अपनी इंश्योरेंस कंपनी को जानकारी दें और वाहन को टो करके सर्विस सेंटर तक पहुंचाएं. केवल थोड़ी सी सावधानी से आपका बड़ा खर्च बच सकता है और इंश्योरेंस क्लेम भी मिल सकता है.